
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 बुधवार को लोकसभा में पारित हो चुका है और इसे आज इसे राज्यसभा में पेश किया गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विधेयक को उच्च सदन में रखा। विधेयक पर राज्यसभा में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "हमने इस विधेयक में अपील का अधिकार शामिल किया है। अगर आपको ट्रिब्यूनल में अपना अधिकार नहीं मिलता है, तो आप इस अपील के अधिकार के तहत अदालत में याचिका दायर कर सकते हैं।"
लोकसभा में बहस और वोटिंग
बुधवार को लोकसभा में 12 घंटे की चर्चा के बाद रात 2 बजे इस विधेयक पर मतदान हुआ, जिसमें 520 सांसदों ने भाग लिया।
288 सांसदों ने समर्थन में और 232 ने विरोध में मतदान किया।
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को "उम्मीद" (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया।
संसद में सियासी घमासान
विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर वक्फ संपत्तियों से जुड़े कथित घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया।
इस आरोप पर खड़गे ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अनुराग ठाकुर को चुनौती दी कि अगर वह 1 इंच भी जमीन पर अवैध कब्जे का सबूत दे दें, तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।
अनुराग ठाकुर का बयान संसद में हंगामे का कारण बना, जिसके बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया और इसे सदन के रिकॉर्ड से भी हटा दिया गया।
ओवैसी ने फाड़ी विधेयक की प्रति
बिल पर चर्चा के दौरान AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक की प्रति फाड़ दी और कहा कि "इसका मकसद मुसलमानों को अपमानित करना है।"
इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि "वक्फ संपत्तियों में गैर-इस्लामिक तत्वों को शामिल करने का कोई प्रावधान नहीं है, विपक्ष केवल अल्पसंख्यकों को डराने की राजनीति कर रहा है।"
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अब राज्यसभा में इस विधेयक पर चर्चा होगी, जहां सरकार और विपक्ष के बीच एक बार फिर तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है।
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Published By: Divya