
लगातार चल रही बहसबाजी के बाद और विरोध-प्रदर्शनों के बीच सरकार आज नए सिरे से वक्फ संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश करेगी. भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टियों ने अपने सांसदों को अगले तीन दिनों के लिए व्हिप जारी कर दिए हैं. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में आयोजित कार्य मंत्रणा समिति यानि BAC की बैठक में इस विधेयक पर चर्चा के लिए आठ घंटे का समय तय किया गया है. हालांकि विपक्ष ने 12 घंटे का वक्त देने की मांग की थी, जिसे ठुकरा दिया गया. ऐसे में दुबारा हंगामा हो सकता हैं, क्योंकि विपक्ष के कई दल इसके पक्ष में नहीं हैं। वही राज्यसभा में इस विधेयक पर गुरुवार को चर्चा हो सकती है
विधेयक के पक्ष में है यह पार्टी
वक्फ बिल का दोनों सदनों से पारित होना फिलहाल औपचारिकता लग रहा है.देखा जाए तो एनडीए की सभी सहयोगी पार्टियां इस विधेयक के समर्थन में नजर आ रही हैं. खासतौर पर जेडीयू, टीडीपी और एलजेपी के बिल का समर्थन करने के बाद सरकार की चिंता दूर हो गई है. पहले कुछ पॉइंट को लेकर इन दलों को आपत्ति थी. लेकिन अब यहाँ टीडीपी ने बिल के समर्थन को लेकर अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी कर दिए है.
विपक्षी पार्टियां कर रही है विरोध
वहीं विपक्षी पार्टियां भी जमकर वक्फ बिल को लेकर अपनी नाराज़गी दिखा रही है। विपक्ष में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियों खड़ी हैं. सपा ने बिल को लेकर व्हिप जारी करते हुए अपने सभी सांसदों को लोकसभा में मौजूद रहने के लिए कहा है. बीते मंगलवार को इस बिल को लेकर अपनी रणनीति बनाने के लिए पार्टी ने शाम को बैठक भी रखी की, जिसमें इंडिया गठबंधन के सभी लोग शामिल थे। अब सवाल यही है की लोकसभा में आज पेश होने वाले वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर क्या फैसला होता है. लेकिन खबरों की माने तो विधेयक को दोनों सदनों में आसानी से पारित करा लिया जाएगा।
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राज्यसभा में पेश होगा वक्फ बिल
ऐसी खबरे है की, लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद है गुरुवार को राज्यसभा में विधेयक को पेश किया जाएगा। उच्च सदन की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में भी इस पर चर्चा के लिए आठ घंटे निर्धारित किए गए हैं। राज्यसभा में वर्तमान में कुल 236 सदस्य हैं। विधेयक पारित कराने के लिए सत्ता पक्ष को कुल 119 सदस्यों के समर्थन की जरूरत है। भाजपा के 98 सदस्य हैं, जबकि सहयोगी दलों के 19 सदस्य हैं। इसके अतिरिक्त छह मनोनीत सदस्य हैं। दो निर्दलीय सदस्यों का भी समर्थन भाजपा के पक्ष में है। इस तरह सत्तापक्ष को कुल 125 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, जो बहुमत से छह ज्यादा हैं। दूसरी ओर विपक्षी खेमे में कांग्रेस के 27 सदस्य हैं और अन्य दलों के 60 सदस्य हैं।
Published By: Nandani Gurung