
नवरात्रि और ईद के मौके पर मीट दुकानों को लेकर दिल्ली में नई बहस छिड़ गई है। बीजेपी के कुछ विधायकों ने नवरात्रि में मीट की दुकानों को बंद करने और ईद पर मटन न खाने की अपील की है।
BJP विधायक नीरज बसोया का कहना है कि नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानें बंद रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि रिहायशी इलाकों में ऐसी दुकानों का होना सही नहीं है, क्योंकि इससे लोगों को दिक्कत होती है। बसोया ने आरोप लगाया कि कुछ मीट विक्रेता दुकानें सही तरीके से नहीं चलाते, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
विधायक रविंदर नेगी ने मंदिरों के पास मीट की दुकानों को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, "नवरात्रि में जब हिंदू समुदाय उपवास रखता है, तब मंदिरों के पास मीट की दुकानें खुली रहना आस्था को ठेस पहुंचाता है। हमें इस पर ध्यान देना चाहिए।"
वहीं, विधायक करनैल सिंह ने प्रशासन से मांग की कि नवरात्रि में मीट की दुकानें बंद करवाई जाएं। उन्होंने कहा, "ईद को मीठी ईद कहा जाता है, इसका मतलब यही है कि लोग सेवइयां खाएं, बकरा न काटें।"
यह पहली बार नहीं है जब त्योहारों के दौरान मीट की दुकानों को लेकर विवाद हुआ है। इससे पहले भी हिंदू त्योहारों पर मीट बिक्री को लेकर नेताओं और संगठनों के बीच मतभेद सामने आए हैं। इस मुद्दे पर बहस जारी है कि धार्मिक आस्थाओं और व्यापारिक गतिविधियों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
- DIVYA