
जापान के उत्तरी क्षेत्र होक्काइडो में बुधवार को 6.5 तीव्रता का भूकंप आया। यह भूकंप 57 किलोमीटर की गहराई में महसूस किया गया। इससे ठीक एक दिन पहले, यानी सोमवार रात, पूर्वोत्तर जापान में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था। सोमवार वाले भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया था।
हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत होने की खबर नहीं आई है। आपातकालीन टीमों ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है क्योंकि लगातार छोटे-छोटे झटके महसूस किए जा रहे हैं।
सुनामी चेतावनी और लहरों का असर
सोमवार रात आओमोरी प्रांत के पास 54 किलोमीटर की गहराई पर आए समुद्री भूकंप के कारण होक्काइडो, आओमोरी और इवाते के तटों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी। अधिकारियों ने कहा था कि तट पर 3 मीटर तक ऊंची लहरें आ सकती हैं। बंदरगाहों की रिपोर्ट के अनुसार, लहरें 20 से 70 सेंटीमीटर तक ही थीं। इसके बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने चेतावनी को परामर्श में बदल दिया।
क्षेत्र में नुकसान और राहत कार्य
आओमोरी के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके बहुत तेज़ थे। हाचिनोहे शहर में भूकंपीय तीव्रता पैमाने पर “6 से ऊपर” दर्ज किया गया, जिस स्तर पर खड़ा होना मुश्किल हो जाता है और भारी फर्नीचर गिर सकते हैं।
सार्वजनिक प्रसारक NHK के मुताबिक, भूकंप में सात लोग घायल हुए, लेकिन सभी सुरक्षित हैं। पूर्वी जापान रेलवे ने अस्थायी रूप से ट्रेन सेवाएं बंद कर दीं और कई घरों में बिजली गुल हो गई। हालांकि, बिजली कंपनियों ने परमाणु संयंत्रों में किसी भी प्रकार की समस्या की सूचना नहीं दी।
भूकंप का वित्तीय असर
जापान प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर पर स्थित है और यहां दुनिया के लगभग 20% 6 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप आते हैं। यह नया भूकंप उस समय आया है जब जापान अभी भी मार्च 2011 के विनाशकारी 9.0 तीव्रता वाले भूकंप और सुनामी की यादों से जूझ रहा है, जिसमें करीब 20,000 लोग मारे गए थे और फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में दुर्घटना हुई थी। वित्तीय बाजारों ने भी भूकंप पर प्रतिक्रिया दी। येन में थोड़ी कमजोरी आई, लेकिन बाद में इसमें सुधार देखा गया।
Saurabh Dwivedi

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