
17 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर होने के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके देश के खिलाफ किए गए युद्ध अपराधों की जांच घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अदालतों में होनी चाहिए।
युद्ध में हुई मौतों का जिक्र करते हुए जताई नाराजगी
बीते दिन यानी रविवार 28 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने संदेशों में खामेनेई ने कहा कि युद्ध के दौरान नवजात बच्चों से लेकर बुजुर्ग नागरिकों तक कई निर्दोष लोगों की जान गई, उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई प्रमुख सैन्य और धार्मिक नेताओं की मौत ऐसे मामलों में शामिल है, जिनकी निष्पक्ष और गंभीर कानूनी जांच आवश्यक है। उनके अनुसार इन घटनाओं से जुड़े हजारों मामलों को अदालतों के समक्ष लाया जाना चाहिए।
From murdering newborns to our dear elderly population - & above all, the martyrdom of the peerless, unique gem of our era, our magnanimous, mujahid Leader - is each a file among thousands of major legal cases that must be earnestly pursued in domestic & international courts.
— Ayatollah Mojtaba Khamenei (@MKhamenei_ir) June 28, 2026
'अपराधियों को कानून के दायरे में लाया जाए'
ईरानी नेता ने कहा कि जिन लोगों ने इन घटनाओं को अंजाम दिया है, उन्हें कानून के तहत जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि दोषियों को न्यायिक प्रक्रिया के जरिए उनके कृत्यों के लिए सजा मिलनी चाहिए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
What is definite is that these criminals must be seized by the collar and brought to justice for their criminal deeds.
— Ayatollah Mojtaba Khamenei (@MKhamenei_ir) June 28, 2026
अमेरिका और इजरायल के नेताओं के बयानों पर भी उठाए सवाल
खामेनेई ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि अमेरिका और इजरायल के कुछ नेताओं के सार्वजनिक बयान और स्वीकारोक्ति इस बात का संकेत हैं कि उन्होंने अपने कार्यों को खुद स्वीकार किया है। उनके मुताबिक, ऐसे बयान ईरान के उन अधिकारों की कानूनी लड़ाई को मजबूत करते हैं, जिनका कथित रूप से उल्लंघन हुआ है।
The investigation of crimes committed during the 2nd Imposed War, as well as the 3rd Imposed War, & continuously pursuing this matter until a verdict is reached is entrusted to the competent authorities, & this will in turn serve to prevent the recurrence of such crimes.
— Ayatollah Mojtaba Khamenei (@MKhamenei_ir) June 28, 2026
भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने पर दिया जोर
खामेनेई ने कहा कि ईरान पर थोपे गए युद्धों के दौरान हुए अपराधों की जांच करना और अंतिम निर्णय आने तक मामले को आगे बढ़ाना संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है, उनका मानना है कि ऐसा करने से भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलेगी।
न्याय प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के दिए सुझाव
अपने एक अन्य संदेश में खामेनेई ने कहा कि न्याय हासिल करना और अत्याचार व भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष आसान नहीं है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और ठोस रणनीति अपनाकर न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और तेज बनाया जा सकता है।
The path to achieving justice & combating oppression & corruption is an arduous one that can be smoothed with earnest motivation & resolve, increased effort, courage & decisiveness, initiative, proper use of new technologies & implementing intelligent systems in operations.
— Ayatollah Mojtaba Khamenei (@MKhamenei_ir) June 28, 2026
Written By Toshi Shah















