ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका-इजरायल पर साधा निशाना, युद्ध अपराधों पर कानूनी कार्रवाई की उठाई मांग

ईरानी सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने कहा कि US और जियोनी दुश्मन के नेताओं की तरफ से किए गए कंफेशन्स और खुलेआम शेखी बखारने की कार्रवाई निर्विवाद रूप से अपराध को मानने जैसा है।

4 घंटे पहले

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17 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर होने के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके देश के खिलाफ किए गए युद्ध अपराधों की जांच घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अदालतों में होनी चाहिए।

युद्ध में हुई मौतों का जिक्र करते हुए जताई नाराजगी

बीते दिन यानी रविवार 28 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने संदेशों में खामेनेई ने कहा कि युद्ध के दौरान नवजात बच्चों से लेकर बुजुर्ग नागरिकों तक कई निर्दोष लोगों की जान गई, उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई प्रमुख सैन्य और धार्मिक नेताओं की मौत ऐसे मामलों में शामिल है, जिनकी निष्पक्ष और गंभीर कानूनी जांच आवश्यक है। उनके अनुसार इन घटनाओं से जुड़े हजारों मामलों को अदालतों के समक्ष लाया जाना चाहिए।

'अपराधियों को कानून के दायरे में लाया जाए'

ईरानी नेता ने कहा कि जिन लोगों ने इन घटनाओं को अंजाम दिया है, उन्हें कानून के तहत जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि दोषियों को न्यायिक प्रक्रिया के जरिए उनके कृत्यों के लिए सजा मिलनी चाहिए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।

अमेरिका और इजरायल के नेताओं के बयानों पर भी उठाए सवाल

खामेनेई ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि अमेरिका और इजरायल के कुछ नेताओं के सार्वजनिक बयान और स्वीकारोक्ति इस बात का संकेत हैं कि उन्होंने अपने कार्यों को खुद स्वीकार किया है। उनके मुताबिक, ऐसे बयान ईरान के उन अधिकारों की कानूनी लड़ाई को मजबूत करते हैं, जिनका कथित रूप से उल्लंघन हुआ है।

भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने पर दिया जोर

खामेनेई ने कहा कि ईरान पर थोपे गए युद्धों के दौरान हुए अपराधों की जांच करना और अंतिम निर्णय आने तक मामले को आगे बढ़ाना संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है, उनका मानना है कि ऐसा करने से भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलेगी।

न्याय प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के दिए सुझाव

अपने एक अन्य संदेश में खामेनेई ने कहा कि न्याय हासिल करना और अत्याचार व भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष आसान नहीं है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और ठोस रणनीति अपनाकर न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और तेज बनाया जा सकता है।

 

Written By Toshi Shah  

 

 

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