
Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही यूपी (SIT) के सामने अब एक नया मामला भी पहुंच गया है। राम मंदिर निर्माण और प्रस्तावित स्वर्णालय निर्माण के नाम पर देशभर से चंदा, सोना और चांदी एकत्र किए जाने में कथित अनियमितताओं को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत मिलने के बाद इस मामले ने मोड़ ले लिया है।
राम मंदिर निर्माण के नाम पर लिया गया चंदा ट्रस्ट को नहीं सौंपी गईं
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हजारों गांवों से राम मंदिर निर्माण और स्वर्णालय निर्माण के नाम पर बड़ी मात्रा में सोना, चांदी और नकद दान एकत्र किया गया, लेकिन यह धन और कीमती धातुएं अधिकृत ट्रस्ट को नहीं सौंपी गईं। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस संग्रह की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई और धन के उपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह शिकायत यूपी के SIT के अध्यक्ष को सौंपी गई
यह शिकायत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत तथा जांच टीम के अन्य सदस्यों को संबोधित करते हुए सौंपी गई है। पत्र में आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि धार्मिक आस्था के नाम पर जुटाए गए दान का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए और यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने की गहन जांच का आग्रह
जानकारी के अनुसार, स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने भी SIT से मुलाकात कर पूरे मामले की गहन जांच कराने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी और जनता का विश्वास कायम रहेगा।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच पहले से ही SIT द्वारा की जा रही है। अब इस नई शिकायत के सामने आने के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है। हालांकि, फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही जांच एजेंसी ने किसी निष्कर्ष की घोषणा की है। SIT ने संकेत दिए हैं कि शिकायत में उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और तथ्यों की जांच की जाएगी। यदि प्रथम दृष्टया आरोपों में दम पाया जाता है, तो आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Written By: Geeta Sharma















