
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा किया। पोस्ट में लिखा, बीते दो वर्षों का हर दिन देश के आम नागरिकों की आवाज़ को संसद तक पहुंचाने के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा और वे जनता के हितों की हर लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ते रहेंगे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आज दो साल पूरे हुए।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 26, 2026
इन दो सालों का हर दिन एक ही काम रहा - हर भारतीय की आवाज़ को सत्ता तक पहुँचाना।
NEET के छात्रों की लड़ाई हो, वोट चोरी का पर्दाफाश हो या संविधान की रक्षा, हर मोर्चे पर आपके साथ खड़ा रहा, आज भी हूं, हमेशा रहूंगा।
सड़क से… pic.twitter.com/mNUWSu3fUG
राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष के रूप में 2 साल पूरे
राहुल गांधी ने अपने संदेश में लिखा, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आज 2 साल पूरे हुए। इन दो सालों का हर दिन एक ही काम रहा – हर भारतीय की आवाज़ को सत्ता तक पहुंचाना। उन्होंने आगे कहा कि चाहे नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े छात्रों का मुद्दा हो, वोट चोरी के आरोपों को उठाने का सवाल हो या संविधान की रक्षा का विषय, उन्होंने हर मोर्चे पर जनता के साथ खड़े होकर अपनी भूमिका निभाई है। उन्होंने लिखा, सड़क से संसद तक, आपका भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। सफर लंबा है, पर संकल्प वही, आपके लिए हर लड़ाई लड़ता रहूंगा। जय हिंद, जय संविधान।
26 जून को राहुल गांधी ने संभाला था नेता प्रतिपक्ष का पद
राहुल गांधी ने 26 जून 2024 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद संभाला था। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 100 सीटें जीतकर विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की। इससे पहले 2014 और 2019 के चुनावों में कांग्रेस आवश्यक 10 प्रतिशत सीटों का आंकड़ा हासिल नहीं कर सकी थी, जिसके कारण लगभग दस वर्षों तक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद खाली रहा।
2024 के चुनाव में रायबरेली और वायनाड दर्ज की थी जीत
2024 के चुनाव में राहुल गांधी ने रायबरेली और वायनाड दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने रायबरेली सीट अपने पास रखी और वायनाड से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद हुए उपचुनाव में उनकी बहन प्रियंका गांधी ने वायनाड से चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया।
नेता प्रतिपक्ष का पद संसद में क्यों माना जाता है अहम?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद संसद में विपक्ष के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। संसद में विपक्ष के नेता की सैलरी और अलाउंस अधिनियम, 1977 के तहत इस पद को कानूनी मान्यता प्राप्त है तथा इसे कैबिनेट मंत्री के समान वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाएं मिलती हैं। नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सरकार की नीतियों की समीक्षा करना, जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना होती है।
कई अहम मुद्दों को लेकर सरकार पर साधा है निशाना
पिछले 2 वर्षों के दौरान राहुल गांधी संसद के भीतर और बाहर कई अहम मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर रहे हैं। महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दे, सामाजिक न्याय, संविधान की सुरक्षा और चुनावी पारदर्शिता जैसे विषयों पर उन्होंने विपक्ष की ओर से मुखर भूमिका निभाई है। उनके दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिया गया संदेश यह संकेत देता है कि आने वाले समय में भी वे खुद को जनता की आवाज और सरकार के जवाबदेह विपक्ष के रूप में प्रस्तुत करते रहेंगे।
Written By: Geeta Sharma















