
पीएम मोदी ने बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में NEET-UG री-एग्जाम के सफल आयोजन के लिए अपने मंत्रियों और विभिन्न सरकारी एजेंसियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि परीक्षा के संचालन में जिस प्रकार सभी मंत्रालयों और संस्थानों ने मिलकर काम किया, वह 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि भविष्य में भी किसी भी बड़ी चुनौती या राष्ट्रीय कार्य के दौरान इसी मॉडल को अपनाया जाना चाहिए।
'NEET री-एग्जाम बिना किसी परेशानी के संपन्न कराना टीमवर्क का प्रमाण'
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यदि सभी विभाग और संस्थान सामूहिक रूप से कार्य करें तो किसी भी कठिनाई का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है। उन्होंने मंत्रियों के समन्वित प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि NEET री-एग्जाम को बिना किसी परेशानी के संपन्न कराना देश की प्रशासनिक क्षमता और टीमवर्क का प्रमाण है।
21 जून को आयोजित की गई थी NEET-UG री-एग्जाम
गौरतलब है कि 21 जून को आयोजित NEET-UG री-एग्जाम में देश और विदेश के 14 केंद्रों सहित कुल 5,440 परीक्षा केंद्रों पर 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी सहित 13 भाषाओं में आयोजित की गई थी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अनुसार, यह केवल एक परीक्षा नहीं थी, बल्कि पूरे देश के सामूहिक प्रयास का उदाहरण थी।
परीक्षा को निष्पक्ष बनाने के लिए की गई थी व्यापक व्यवस्था
परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। परीक्षा केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन, सीसीटीवी निगरानी, सिग्नल जैमर और दो-स्तरीय तलाशी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गईं। इसके अलावा राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए, जहां से परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी की गई।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल थे तैनात
इस विशाल आयोजन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), गृह मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय वायुसेना, डाक विभाग, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा रक्षा मंत्रालय सहित कई सरकारी संस्थानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, एसबीआई, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और यूको बैंक जैसे बैंकिंग साझेदार भी इस प्रक्रिया का हिस्सा रहे।
परीक्षा केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई थी बुनियादी ज़रूरतें
कई राज्य सरकारों ने परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, छाया, भोजन, एम्बुलेंस और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की। कुछ राज्यों ने छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए निःशुल्क परिवहन सेवा भी उपलब्ध कराई। एनटीए के अनुसार, परीक्षा के सफल संचालन के लिए देशभर में लगभग 7 लाख अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, पर्यवेक्षकों और परीक्षा कर्मियों को तैनात किया गया। उल्लेखनीय है कि इस पूरी तैयारी और संचालन का कार्य मात्र 37 दिनों के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया।
Written By: Geeta Sharma




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