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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए जिस समझौते (MoU) की घोषणा की गई है, वह अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक शुरुआती समझौता है और यदि ईरान उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप व्यवहार नहीं करता, तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
'यह सिर्फ एक प्रारंभिक समझौता'
जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा, यह कोई आखिरी फैसला नहीं है। यह सिर्फ एक प्रारंभिक समझौता है। अगर मुझे यह पसंद नहीं आया या ईरान ने सही से बर्ताव नहीं किया, तो हम फिर से बमबारी शुरू कर सकते हैं। ट्रंप ने ईरान पर पिछले कई दशकों से गलत नीतियां अपनाने का आरोप भी लगाया।
ट्रंप के बयान से मचा हड़कंप
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते पर स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होने की चर्चा है। हालांकि, ट्रंप की ताजा टिप्पणी ने इस समझौते के भविष्य को लेकर नई अनिश्चितता पैदा कर दी है।
ट्रंप का ने किया बड़ा दावा
जी-7 सम्मेलन में शामिल होने के लिए फ्रांस पहुंचे ट्रंप लगातार ईरान मुद्दे पर बयान दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी नीतियों ने दुनिया को एक संभावित 'महामंदी' से बचाया है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किन लोगों की आलोचना कर रहे थे। इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य का मार्ग आंशिक रूप से खुल चुका है और जल्द ही पूरी तरह सामान्य हो जाएगा।
जी-7 शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का हुआ था ऐलान
गौरतलब है कि जी-7 शिखर सम्मेलन शुरू होने से एक दिन पहले अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के एक प्रारंभिक ढांचे की घोषणा की गई थी। इस समझौते का उद्देश्य मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को समाप्त करना और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करना बताया गया है।
प्रस्तावित समझौते में क्या था
प्रस्तावित समझौते के तहत लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तत्काल और स्थायी युद्धविराम लागू करने, अमेरिका द्वारा ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी हटाने तथा दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की बात कही गई है। वहीं बदले में ईरान एक महीने के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करेगा। साथ ही ईरान को अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों की ओर से बड़े आर्थिक सहायता पैकेज की भी चर्चा है।
Written By: Geeta Sharma















