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उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज क्षेत्र स्थित तुलैल घाटी में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचा दी। तारतेई किलो गांव में अचानक आए इस प्राकृतिक संकट के कारण पूरे इलाके में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए। बादल फटने के बाद तेज गति से बहते मलबे और पानी ने गांव को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
मिनटों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा और मलबे का सैलाब गांव की ओर बढ़ गया। देखते ही देखते कई रिहायशी मकान पानी और मलबे की चपेट में आ गए। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, दर्जनों घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जबकि कई अन्य मकानों में दरारें आने और नींव कमजोर होने की सूचना मिली है। इसके अलावा, सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि पूरी तरह जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल
घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अपनी जान बचाने के लिए ग्रामीणों ने तुरंत घर खाली कर दिए और बच्चों, बुजुर्गों तथा मवेशियों को लेकर सुरक्षित एवं ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर चले गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी और मलबे का बहाव इतना तेज था कि किसी को भी सामान समेटने का मौका नहीं मिला। कई परिवार केवल जरूरी वस्तुएं लेकर ही घरों से निकल पाए।
प्राकृतिक आपदा में जानमाल के नुकसान की खबर नहीं
हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में अब तक किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली है। समय रहते लोगों के सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाने से बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन और राहत एजेंसियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा शुरू कर दिया है तथा नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। साथ ही प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे और आपदा प्रबंधन की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
Written By: Geeta Sharma

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