
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की करारी हार ने सभी को चौंका कर रख दिया। तो वहीं भाजपा ने आजादी के बाद से पहली बार बंगाल की सत्ता में एंट्री ली। इसी कड़ी में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी की पार्टी की करारी हार के पीछे 4 बड़े कारण गिनाए हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में भ्रष्टाचार,कुशासन,मुस्लिम समुदाय की अनदेखी और SIR का विवाद तृणमूल कांग्रेस की हार के 4 बड़े कारण रहे। मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि ममता सरकार जनता की समस्याओं को अनदेखा कर रही थी और जनता का भरोसा खो चुकी थी,इसी के वजह से चुनावों में ममता को मात मिली।
ममता बनर्जी की हार के 4 बड़े कारण
1.ओवैसी ने कहा कि राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के लगातार आरोप लगते रहे। उनके अनुसार भ्रष्टाचार के मामलों से जनता में नाराजगी बढ़ी और इसका असर चुनाव परिणामों में साफ दिखने को मिला।
2. AIMIM सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था काफी कमजोर रही और सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। तृणमूल कांग्रेस की हार की एक बड़ी वजह बना।
3. टीएमसी सरकार ने मुस्लिम समुदाय की अनदेखी की। उनकी समस्याओं और जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिमों के साथ विश्वासघात किया गया और उनकी बेहतरी के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए। साथ औवेसी ने आगे कहा कि मुस्लिमों को केवल वोट बैंक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें समान अधिकारों वाले नागरिक के रूप में सम्मान मिलना चाहिए।
4. ओवैसी ने कहा कि SIR भी तृणमूल कांग्रेस की हार का एक प्रमुख कारणों में से एक कारण रहा। उनके अनुसार इस मुद्दे ने जनता के बीच असंतोष पैदा किया और चुनाव में इसका असर देखने को मिला।
ओवैसी ने किया OBC सर्टिफिकेट विवाद का जिक्र
ओवैसी ने कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा वर्ष 2010 के बाद जारी किए गए 5 लाख ओबीसी प्रमाणपत्र रद्द किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि इनमें करीब 3 लाख प्रमाणपत्र मुस्लिम समुदाय के लोगों के थे। सरकार के पास इस समस्या के समाधान का अवसर था,लेकिन उसने आवश्यक कदम नहीं उठाए।
BJP के हाथों बंगाल में हारी TMC
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने 294 में से 206 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। वहीं, फलता में बाद में हुए विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने बाजी मारी थी। इस तरह उसकी सीटों की कुल संख्या 207 हो गई। वहीं तृणमूल कांग्रेस इस बार केवल 80 सीटों पर सिमट गई और बाद में उसके अधिकांश विधायक बागी भी हो गए।
Written By: Geeta Sharma















