
महिलाओं के प्रति कथित रूप से आपत्तिजनक और यौन उत्पीड़न को बढ़ावा देने वाली टिप्पणियों के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आयोग ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। आयोग का मानना है कि इस प्रकार की टिप्पणियां महिलाओं की गरिमा, सहमति और शारीरिक स्वायत्तता को कमजोर करती हैं तथा इन्हें मनोरंजन या कॉमेडी के नाम पर उचित नहीं ठहराया जा सकता।
NCW की अध्यक्ष ने कार्रवाई सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
NCW की अध्यक्ष ने हरियाणा पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर मामले में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने 7 दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) भी मांगी है। साथ ही यह जानकारी भी तलब की गई है कि क्या मामले में एफआईआर दर्ज की गई है, वायरल वीडियो की जांच किस चरण में है और कार्यक्रम के आयोजकों, कलाकारों तथा स्थल प्रबंधन के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है।
स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा को नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा को नोटिस जारी कर 22 जून 2026 को शाम 4 बजे आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि महिला की सहमति किसी भी परिस्थिति में समझौते का विषय नहीं हो सकती और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक व्यवहार को हास्य के रूप में प्रस्तुत करना अस्वीकार्य है।
महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने दोनों के खिलाफ दर्ज की FIR
इस बीच महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने भी मामले में कार्रवाई करते हुए प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा, डॉ. सेजल पवार और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। महाराष्ट्र साइबर के नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 36/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कथित रूप से अश्लील एवं आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार की जांच की जा रही है।
इससे पहले भी कई कॉमेडियन के विवादित वीडियो वायरल
यह पहली बार नहीं है जब किसी कॉमेडियन को अपने कंटेंट के कारण विवादों का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा हुआ था। वहीं मुनव्वर फारूकी, कुणाल कामरा और एल्विश यादव भी अलग-अलग मामलों में सोशल मीडिया और सार्वजनिक आलोचना का सामना कर चुके हैं। ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर मनोरंजन की सीमाओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन को लेकर बहस छेड़ दी है।
Written By: Geeta Sharma















