
Petrol News: सरकार ने एथेनॉल पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी खत्म कर दी है। इसका मतलब अब से 22% और 30% एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी। सरकार का यह फैसला आम लोगों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है, अगर एथेनॉल वाले सस्ते पेट्रोल की मांग बढ़ी तो इसका फायदा आम जनता के साथ किसानों को भी मिलने वाला है।
लगातार बढ़ रही कच्चे तेल की कीमत
बता दें कि कच्चे तेल की कीमत इस कदर बढ़ रही है कि अब ये 114 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है। इसका सीधा असर आयात बिल पड़ता है। ऐसे में सरकार ने वैकल्पिक ईंधनों पर जोर दिया है, जिससे आयात में कमी और
रुपए की स्थिति में भी सुधार हो सके।
एक्साइज ड्यूटी क्या होता है?
एक्साइज ड्यूटी, जिसे हिंदी में उत्पाद शुल्क कहा जाता है, एक अप्रत्यक्ष कर है जो किसी देश के भीतर निर्मित या उत्पादित वस्तुओं पर लगाया जाता है। यह कर आमतौर पर उन उत्पादों पर लगाया जाता है जिनका बड़े पैमाने पर उत्पादन और उपभोग होता है, जैसे पेट्रोल, डीजल, शराब और तंबाकू। सरकार इस कर के माध्यम से राजस्व प्राप्त करती है और कई बार विशेष उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए इसमें छूट भी देती है।
एथेनॉल पेट्रोल पर सरकार का बड़ा फैसला
हाल ही में केंद्र सरकार ने एथेनॉल पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। नए आदेश के अनुसार 22%, 25%, 27% और 30% एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को शून्य कर दिया गया है। हालांकि, यह छूट तभी लागू होगी जब संबंधित ईंधन भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप तैयार किया गया हो। सरकार का यह कदम स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने और पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
E85 फ्यूल क्या है?
भारत में अब तक E20 फ्यूल को बढ़ावा दिया जा रहा था, जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। लेकिन हाल के वर्षों में ऊर्जा सुरक्षा और वैकल्पिक ईंधन की जरूरत को देखते हुए E85 फ्यूल भी बाजार में उतारा गया है। E85 में 85 प्रतिशत एथेनॉल और केवल 15 प्रतिशत पेट्रोल होता है। यह पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन कम हो सकता है।
E85 फ्यूल की कीमत
कीमत की बात करें तो E85 फ्यूल, E20 की तुलना में लगभग 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता बताया जा रहा है। यही कारण है कि इसे भविष्य के किफायती और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। सरकार और ऑटोमोबाइल उद्योग दोनों ही एथेनॉल आधारित ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं।
Written By: Geeta Sharma







.jpg)
.jpg)

.jpg)




