
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की फैकल्टी ऑफ डेंटिस्ट्री ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 के अवसर पर "क्लिनिकल कम्पिटेंसी ट्रेनिंग इन टोबैको सेसेशन" एक लेक्चर और प्रैक्टिकल वर्कशॉप आयोजित की। यह कार्यक्रम पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग द्वारा प्रोजेक्ट CORE (Community-Oriented Oral Health Research for Equity) के ट्रेनिंग और क्षमता-निर्माण कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया था।
इस बार ये रखा गया था थीम
प्रोजेक्ट CORE कोलंबिया, केन्या, ब्राज़ील और भारत के बीच एक अंतरराष्ट्रीय सहयोगी पहल है, जिसे यूके के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर रिसर्च (NIHR) का समर्थन प्राप्त है। कार्यक्रम का आयोजन विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 की थीम “Unmasking the Appeal: Countering Nicotine and Tobacco Addiction” के अनुरूप किया गया था। इसका उद्देश्य तंबाकू और निकोटीन उत्पादों से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करना तथा स्वास्थ्य सेवाओं में तंबाकू छोड़ने में मदद करने वाले सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना था।
200 लोगों का फ्री में किया गया डेंटल चेक-अप
इस अवसर पर पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग ने 15 से 31 मई 2026 तक विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के सहयोग से मुफ्त डेंटल चेक-अप कैंपों की एक सीरीज़ भी आयोजित की गई। इन शिविरों में लगभग 200 लोगों की जांच की गई और उन्हें ओरल हेल्थ संबंधी जानकारी दी गई।
फैकल्टी ऑफ डेंटिस्ट्री के डीन ने कही ये बात
कार्यक्रम की शुरुआत फैकल्टी ऑफ डेंटिस्ट्री के डीन प्रो. नदीम यूनुस के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने तंबाकू नियंत्रण एवं रोकथाम में स्वास्थ्य पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए नियमित क्लिनिकल प्रैक्टिस में तंबाकू त्याग परामर्श को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही छात्रों और शिक्षकों को तंबाकू-मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
NRC OH TC के प्रमुख ने तंबाकू छोड़ने को लेकर कही ये बात
साइंटिफिक सत्र का संचालन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर ओरल हेल्थ एंड टोबैको सेसेशन (NRC OH TC) के विशेषज्ञों द्वारा किया गया। NRC OH TC के प्रमुख एवं प्रिंसिपल कोऑर्डिनेटर प्रो. विक्रांत मोहंती (प्रोफेसर-SAG) ने निकोटीन की लत, तंबाकू पर निर्भरता और साक्ष्यों पर आधारित तंबाकू छोड़ने के उपायों पर एक ज्ञानवर्धक लेक्चर दिया।
इस कार्यक्रम में तंबाकू छोड़ने की काउंसलिंग की गई
इसके अतिरिक्त, NRC OH TC की प्रोजेक्ट साइंटिस्ट डॉ. रोमशी रैना और डॉ. राधिका गुप्ता ने तंबाकू इस्तेमाल करने वालों के क्लिनिकल असेसमेंट, काउंसलिंग की रणनीतियों, डॉक्यूमेंटेशन के तरीकों, फॉलो-अप प्रोटोकॉल और रेगुलर डेंटल केयर में तंबाकू छोड़ने में मदद करने के तरीकों को शामिल करने के लिए इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किए। इस प्रोग्राम की एक खास बात 'हैंड्स-ऑन' ट्रेनिंग सत्र था, जिसने तंबाकू छोड़ने की काउंसलिंग और मरीज़ों को देखभाल में हिस्सा लेने वालों के कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ाया गया। कार्यक्रम का मुख्य
50 प्रतिभागियों ने इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का उठाया लाभ
आकर्षण ‘हैंड्स-ऑन’ प्रशिक्षण सत्र रहा, जिसने तंबाकू छोड़ने की काउंसलिंग और मरीज़ों को देखभाल में हिस्सा लेने वालों के कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ाया। बता दें कि 50 प्रतिभागियों ने इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का लाभ उठाया और तंबाकू छोड़ने में मदद करने की अपनी क्षमता को बेहतर बनाया।
प्रो. अभिषेक मेहता के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम का समापन प्रो. बुशरा अहमद करीम के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यशाला को इसकी व्यावहारिक उपयोगिता और प्रशिक्षण आधारित दृष्टिकोण के लिए प्रतिभागियों द्वारा सराहा गया। पूरे कार्यक्रम का आयोजन प्रो. अभिषेक मेहता के मार्गदर्शन में किया गया। इसके सफल संचालन में पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग की प्रो. अदिति वर्मा, प्रो. बुशरा अहमद करीम, डॉ. निखत परवीन तथा डॉ. वर्षा प्रिया डेका ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हुआ तथा प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ इसमें भागीदारी की।
Edited By Toshi Shah







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