कौन थे अली लारीजानी? मौत से एक हफ्ते पहले ट्रंप को दी थी बड़ी चेतावनी.... ईरान ने बताया शहीद

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी की एयर स्ट्राइक में मौत हो गई। लारीजानी की मौत के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पूरे क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए।

23 घंटे पहले

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ईरान (Iran) के प्रमुख नेताओं में गिने जाने वाले और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के मुखिया अली लारीजानी (Ali Larijani) की एक एयर स्ट्राइक में मौत हो गई। तेहरान ने बीते दिन मंगलवार 17 मार्च को इसकी आधिकारिक पुष्टि की। इससे पहले इजरायल की ओर से उन्हें निशाना बनाए जाने का दावा किया गया था।

इस्लामी गणराज्य का शहीद-ईरान

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के मुताबिक, लारीजानी अपने बेटे और बॉडीगार्ड के साथ मारे गए। परिषद ने उन्हें “इस्लामी गणराज्य का शहीद” बताया। जारी बयान में कहा गया कि "शहीदों की पवित्र आत्माओं ने ईश्वर के सेवक, शहीद डॉ. अली लारीजानी की पवित्र आत्मा को गले लगा लिया।"  इस घटना के बाद ईरान और इजरायल के बीच तनाव और बढ़ गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। वहीं, ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है।

मौत से एक हफ्ते पहले लारीजानी ने ट्रंप की दी थी चेतावनी

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के नेतृत्व को कमजोर करने के मकसद से की गई थी। हालांकि, ईरान के भीतर व्यापक अस्थिरता के संकेत नहीं मिले हैं, क्योंकि लोग लगातार हमलों से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। बता दें अपनी मौत से करीब एक हफ्ते पहले लारीजानी ने अमेरिका (America)  के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की चेतावनी का कड़ा जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि ईरान जैसा देश धमकियों से नहीं डरता और बड़े-बड़े ताकतवर देश भी उसे झुका नहीं पाए हैं।

कौन थे अली लारीजानी

अगर अली लारीजानी के राजनीतिक सफर की बात करें, तो वे ईरान की राजनीति, सुरक्षा और कूटनीति में बेहद प्रभावशाली रहे। वे एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से थे, जिसकी तुलना अक्सर अमेरिका के कैनेडी परिवार से की जाती है, उनके भाई सादेक लारिजानी (Sadeq Larijani) न्यायपालिका प्रमुख रह चुके हैं, जबकि मोहम्मद जवाद लारिजानी विदेश नीति के वरिष्ठ सलाहकार रहे हैं। लारीजानी खुद भी कई अहम पदों पर रहे, जिनमें 2008 से 2020 तक संसद अध्यक्ष और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख का पद शामिल है—जो ईरान की रक्षा और विदेश नीति से जुड़े सबसे बड़े फैसले लेने वाली संस्था मानी जाती है।

 Written By Toshi Shah

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