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Delhi: शराब घोटाले मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी अरविंद केजरीवाल समेत सभी 23 लोगों को दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। जानकारी के मुताबिक कोर्ट अब इस मामले में अगली सुनवाई 16 मार्च को करेगी। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने केस की जांच करने वाले CBI ऑफिसर के खिलाफ डिपार्टमेंटल एक्शन लेने के ट्रायल कोर्ट के ऑर्डर पर भी रोक लगा दी है।
रिहाई के आदेश पर रोक लगाने से हाई कोर्ट ने किया इनकार
सोमवार 9 मार्च को CBI की याचिका पर हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। बताया जा रहा कि हाई कोर्ट ने केजरीवाल-सिसौदिया समेत अन्य लोगों की रिहाई के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कहा जा रहा कि सीबीआई की तरफ से पेश हुए SG तुषार मेहता ने केजरीवाल-सिसौदिया समेत 23 लोगों की रिहाई के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि कोर्ट ने ऐसा करने से मना कर दिया। इस दौरान जस्टिस ने ट्रायल कोर्ट से ED केस को तब तक टालने को भी कही, जब तक HC सभी आरोपियों को डिस्चार्ज करने के खिलाफ CBI की रिवीजन अर्जी पर फैसला नहीं कर लेता।
'साजिश का हर पहलू साबित भी हुआ'
वहीं SG तुषार मेहता का ऐसा कहना है कि इस मामला सबसे बड़े घोटालों में से एक है और यह देश के लिए शर्म की बात है। इसकी साइंटिफिक जांच की गई थी। साजिश का हर पहलू साबित भी हुआ। आगे उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हवाला के जरिए और कई हिस्सों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे। सभी खास गवाहों से मजिस्ट्रेट के सामने पूछताछ की गई थी।
164 के बयान बताते हैं साजिश रची गई
आगे SG ने कहा कि 164 बयान हुए। गवाह हैं जो बताते हैं कि साजिश कैसे रची गई, रिश्वत कैसे दी गई, किसे दी गई। यहां तक विजय नायर नाम का एक आदमी है, वह पॉलिटिकल पार्टी का कम्युनिकेशन इंचार्ज है। लगभग 100 करोड़ तक की रिश्वत फेवर देने के बदले दी गई। इसमें से 44.50 करोड़ हवाला के जरिए ट्रांसफर किए गए, और बारीकी से की गई साइंटिफिक जांच से पता चलता है कि यह पैसा पार्टी के चुनावों के लिए गोवा गया था।
Writen By: Geeta Sharma

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