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रोज सूरज की रोशनी से पृथ्वी चमकती है, लेकिन जैसे ही रात होती है, अंतरिक्ष का विशाल आकाश काला दिखाई देता है। यह सवाल लंबे समय से वैज्ञानिकों को सोचने पर मजबूर करता रहा है। जब ब्रह्मांड में अरबों-खरबों तारे और गैलेक्सियां मौजूद हैं, तो पूरा आसमान दिन की तरह चमकदार क्यों नहीं होता? तो आइए जानते है आखिर क्यों हमें रात में सिर्फ कुछ चमकते तारे ही दिखाई देते हैं और बाकी जगह गहरा अंधेरा रहता है?
ब्रह्मांड अनंत तारों से भरा हुआ है
जर्मन खगोलशास्त्री हेनरिक विल्हेम ओल्बर्स ने 1823 में इस सवाल को विस्तार से समझाया था। उनका तर्क था कि अगर ब्रह्मांड अनंत और तारों से भरा हुआ है, तो हम किसी भी दिशा में देखें, हमारी नजर किसी न किसी तारे पर जरूर पड़नी चाहिए। ऐसे में पूरा आसमान चमकदार होना चाहिए, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
ब्रह्मांड की उम्र में छिपा है राज
वैज्ञानिकों के अनुसार इस पहेली का सबसे बड़ा जवाब ब्रह्मांड की उम्र में छिपा है। आधुनिक खगोल विज्ञान के मुताबिक ब्रह्मांड की उम्र लगभग 13.8 अरब साल है। रोशनी की गति सीमित होती है, यह करीब 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से चलती है। इसका मतलब है कि बहुत दूर स्थित कई तारों और गैलेक्सियों की रोशनी अभी तक पृथ्वी तक पहुंच ही नहीं पाई है। इसलिए हम सिर्फ उतनी ही दूर तक देख सकते हैं जितनी दूर की रोशनी इस समय में हम तक पहुंच सकी है। दूसरा महत्वपूर्ण कारण ब्रह्मांड का लगातार फैलना है। जब ब्रह्मांड फैलता है, तो दूर स्थित तारों और गैलेक्सियों से आने वाली रोशनी की तरंगें भी खिंच जाती हैं। इस प्रक्रिया को रेडशिफ्ट कहा जाता है। इसकी वजह से कई दूरस्थ तारों की रोशनी दृश्य प्रकाश से खिसककर इन्फ्रारेड या माइक्रोवेव तरंगों में बदल जाती है, जिन्हें इंसानी आंखें नहीं देख सकतीं। इसलिए हमें आसमान में कई जगह अंधेरा दिखाई देता है, जबकि वास्तव में वहां रोशनी मौजूद होती है।
कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड की खास रोशनी
इसके अलावा वैज्ञानिकों ने कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड नाम की एक खास रोशनी भी खोजी है, जो बिग बैंग के बाद बची हुई ऊर्जा है और पूरे ब्रह्मांड में फैली हुई है। आधुनिक दूरबीनें जैसे हबल और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ऐसे कई अंधेरे हिस्सों में हजारों गैलेक्सियों को पहचान चुकी हैं।
रात में गहरा अंधेरा क्यों दिखाई देता है
इस तरह रात का काला आसमान हमें यह याद दिलाता है कि ब्रह्मांड अनंत नहीं बल्कि सीमित उम्र का है और लगातार फैल रहा है। यही कारण है कि तारों से भरे ब्रह्मांड के बावजूद हमें रात में गहरा अंधेरा दिखाई देता है।
Writen By: Geeta Sharma


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