
भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अप्रैल से लागू किए जाने की संभावना है। इस समझौते पर ब्रिटिश संसद में इस समय बहस चल रही है, जबकि भारत की ओर से भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह FTA दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने का बड़ा कदम माना जा रहा है।
व्यापार और निवेश पर सकारात्मक प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, इस मुक्त व्यापार समझौते से दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का कारोबार बढ़ेगा। भारतीय कंपनियों को ब्रिटेन के बाजार में नई संभावनाएं मिलेंगी, जबकि ब्रिटिश फर्मों को भारत में निवेश और विस्तार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही नौकरियों और आर्थिक विकास को भी लाभ होगा।
ब्रिटिश संसद में बहस और नीतिगत पहल
ब्रिटिश संसद में इस FTA को लेकर गहन बहस जारी है। सांसद इस समझौते के संभावित लाभ और चुनौतियों पर चर्चा कर रहे हैं। दोनों देशों की सरकारें यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि समझौते के जरिए व्यापारिक नियम और टैरिफ दोनों पक्षों के लिए संतुलित रहें और स्थानीय उद्योगों को भी पर्याप्त सुरक्षा मिले।
भारत और यूके के लिए रणनीतिक महत्व
यह FTA केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि रणनीतिक और वैश्विक सहयोग के लिहाज से भी बड़ा कदम है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में मजबूत सहयोग स्थापित होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता भविष्य में अन्य द्विपक्षीय और बहुपक्षीय समझौतों के लिए भी मार्ग प्रशस्त करेगा।
Written by : Anushka sagar

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