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ठंड के मौसम में कोहरा और मौसम की खराबी के कारण ट्रेनों का लेट होना आम बात है। कई बार ट्रेनें घंटों देरी से चलती हैं, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ती है या वे दूसरे साधनों से सफर करते हैं। ऐसी स्थिति में रेलवे यात्रियों को पूरा रिफंड लेने का विकल्प देता है।
ट्रेन लेट होने पर कब मिलेगा पूरा रिफंड?
अगर आपकी ट्रेन अपने तय समय से 3 घंटे या उससे ज्यादा लेट हो जाती है और आप यात्रा नहीं करना चाहते, तो आप फुल रिफंड के हकदार होते हैं। यह नियम भारतीय रेलवे की रिफंड पॉलिसी में शामिल है।
रिफंड पाने के लिए जरूरी शर्ते
रेलवे के नियमों के अनुसार पूरा किराया तभी वापस मिलता है, जब ट्रेन आपके बोर्डिग स्टेशन पर 3 घंटे से ज्यादा लेट पहुंचे तो ट्रेन के वास्तविक प्रस्थान समय से पहले ऑनलाइन TDR फाइल किया गया हो साथ ही एक PNR पर बुक किए गए सभी यात्रियों ने यात्रा न की हो। ध्यान रखें, अगर टिकट पहले ही कैंसिल हो चुका है या ट्रेन के चलने के बाद TDR फाइल किया गया है, तो रिफंड नहीं मिलेगा।
TDR क्या है और क्यों जरूरी है?
TDR (Ticket Deposit Receipt) एक ऑनलाइन रिक्वेस्ट होती है, जिसके जरिए आप रेलवे से रिफंड की मांग करते हैं। ट्रेन लेट होने की स्थिति में फुल रिफंड पाने के लिए TDR फाइल करना जरूरी होता है।
TDR कैसे फाइल करें?
1. आप IRCTC की वेबसाइट से आसानी से TDR फाइल कर सकते हैं
2. IRCTC की वेबसाइट www.irctc.co.in पर लॉग इन करें
3. My Account > My Transactions > File TDR पर जाएं
4. संबंधित PNR नंबर चुनें
5. ड्रॉपडाउन में कारण चुनें – Train Late
6. जिन यात्रियों के लिए TDR फाइल करना है, उन्हें चुनें
7. File TDR पर क्लिक करें
8. निर्देश पढ़कर YES पर क्लिक करें
जिसके बाद TDR सफलतापूर्वक फाइल होने का मैसेज दिखेगा
- YUKTI RAI


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