
केंद्र सरकार ने एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) को अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटाने का आदेश दिया है। सरकार ने कहा कि अगर X ने इस निर्देश का पालन नहीं किया तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। यह आदेश खास तौर पर खास तौर पर AI ऐप Grok के जरीए बनाए जा रहे आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर दिया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कहा है कि कंपनी ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम, 2021 के तहत तय जिम्मेदारियों का पूरी तरह पालन नहीं किया।
72 घंटे में मांगी गई एक्शन रिपोर्ट
सरकार ने X को 72 घंटे के अंदर “एक्शन टेकन रिपोर्ट” (ATR) सौंपने का निर्देश दिया है। इसमें यह साफ करना होगा कि अब तक क्या कार्रवाई की गई है, कंपनी के चीफ कंप्लायंस ऑफिसर की भूमिका क्या रही और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत अनिवार्य रिपोर्टिंग की गई या नहीं।
महिलाओं को निशाना बनाने पर गंभीर चिंता
मंत्रालय ने यह कदम खास तौर पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाया। जानकारी के लिए बता दें कि Grok के दुरुपयोग से महिलाओं के खिलाफ, आपत्तिजनक और यौन रूप से साफ कंटेंट तैयार किया जा रहा है। आरोप है कि कुछ लोग AI की मदद से महिलाओं की फर्जी तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैला रहे हैं, जिससे उनकी निजता और गरिमा को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
यौन उत्पीड़न को बढ़ावा देने का आरोप
सरकार का कहना है कि इस तरह का कंटेंट यौन उत्पीड़न को सामान्य बनाता है और महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानूनों को कमजोर करता है। MeitY ने X को निर्देश दिया है कि वह Grok के तकनीकी ढांचे और नीतियों की पूरी समीक्षा करे, ताकि भविष्य में गैरकानूनी कंटेंट को रोका जा सके।
सख्त नियम और त्वरित कार्रवाई के निर्देश
मंत्रालय ने साफ कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले यूजर्स के अकाउंट सस्पेंड या बंद किए जाएं। साथ ही आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटाया जाए, लेकिन सबूतों से किसी तरह की छेड़छाड़ न की जाए।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर X ने निर्देशों का पालन नहीं किया, तो उसे आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा (सेफ हार्बर) से वंचित किया जा सकता है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS), महिलाओं के अश्लील चित्रण से जुड़े कानून और पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो सकती है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने उठाया मुद्दा
इससे पहले शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार से इस मामले में दखल देने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि X पर फर्जी अकाउंट्स के जरिए महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट कर Grok से उन्हें अश्लील बनाने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जो बेहद खतरनाक और अस्वीकार्य है।
AI सुरक्षा पर सरकार सख्त
प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी आरोप लगाया कि Grok इस तरह की मांगों को पूरा कर रहा है। उन्होंने X से अपने AI ऐप्स में मजबूत सुरक्षा उपाय जोड़ने की मांग की, ताकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म महिलाओं के लिए सुरक्षित बन सके।
Saurabh Dwivedi



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