
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा की मौत के बाद रैगिंग और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप सामने आए हैं। छात्रा ने मौत से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड कर अपनी पीड़ा बयां की थी, जिसने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में एक प्रोफेसर समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
धर्मशाला के सरकारी कॉलेज का मामला
धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाली सेकेंड ईयर की एक छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि कॉलेज में लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई, जिससे अंततः उसकी जान चली गई।
रैगिंग और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप
पुलिस के अनुसार, छात्रा के पिता की शिकायत पर तीन छात्राओं हर्षिता, आकृति और कोमोलिका और कॉलेज के प्रोफेसर अशोक कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि छात्रा के साथ बेरहमी से रैगिंग की गई और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
छात्रा ने खुद बताई आपबीती
परिवार ने बताया कि मौत से पहले छात्रा ने अपने मोबाइल फोन में एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उसने आरोप लगाया कि प्रोफेसर ने उसके साथ अनुचित तरीके से छूने जैसी हरकतें कीं और क्लासरूम और कैंपस में उसे मानसिक रूप से परेशान किया। छात्रा ने यह भी कहा कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसे चुप रहने की धमकी दी गई।
तनाव के चलते बिगड़ी सेहत
छात्रा के पिता का कहना है कि उत्पीड़न के कारण उनकी बेटी भारी तनाव में रहने लगी थी। उसकी तबीयत लगातार खराब होती गई और उसे कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अंत में 26 दिसंबर को लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
शिकायत के बावजूद नहीं हुई सुनवाई
परिवार ने बताया कि उन्होंने 20 दिसंबर को पुलिस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बेटी की मौत के सदमे के कारण वे पहले औपचारिक शिकायत नहीं कर सके।
कानून के तहत मामला दर्ज
पुलिस अधिकारी अशोक रत्तन ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 के तहत केस दर्ज किया गया है। अब जांच में यौन उत्पीड़न के आरोपों को भी शामिल किया गया है। पुलिस उन सभी अस्पतालों की जांच करेगी, जहां छात्रा का इलाज हुआ था।
कॉलेज प्रशासन ने झाड़ा पल्ला
कॉलेज प्रिंसिपल राकेश पठानिया ने कहा कि छात्रा पहले वर्ष में फेल हो गई थी, फिर भी दूसरे वर्ष में दाखिला चाहती थी। उन्होंने दावा किया कि छात्रा या उसके परिवार ने कॉलेज प्रशासन से पहले कभी कोई शिकायत नहीं की।
Saurabh Dwivedi



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