
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने न्यू ईयर के पहले ही दिन राज्य कि माताओं को बड़ा तोहफा दिया है। चण्डीगढ़ में हुई हरियाणा कैबिनेट बैठक में महिलाओं के लिए एक बड़े फैसले के बारे में सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ा दिया है।
अब उन महिलाओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा, जिनके बच्चों ने 10वीं या 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। अब एसी माताओं को भी 2100 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
अब तक कितनी महिलाएं जुड़ीं?
मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि दीनदयाल लाडो योजना के तहत अब तक 10 लाख 255 महिलाओं ने आवेदन किया है। इनमें से तकरीबन आठ लाख महिलाओं की सहायता राशि मिल रही है, जबकि बाकी आवेदनों की जांच जारी है। सरकार अब तक 250 करोड़ रुपये की राशि दो किस्तों में जारी कर चुकी है।
कुपोषण और एनीमिया से बच्चों को बचाने वाली माताओं को भी फायदा
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसी उद्देश्य से योजना का विस्तार किया गया है। जिन माताओं ने अपने बच्चों को कुपोषण और एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बाहर निकाला है, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
कैसे मिलेंगे 2100 रुपये?
योजना के तहत मिलने वाली 2100 रुपये की राशि दो हिस्सों में दी जाएगी। 1100 रुपये सीधे महिला लाभार्थी के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। 1000 रुपये सरकार की ओर से डिपॉजिट किए जाएंगे, जो ब्याज सहित लाभार्थी को मिलेंगे। अगर किसी कारण से उस लाभार्थी को महिला असामयिक मौत हो जाती है तो यह डिपॉजिट राशि तुरंत नामित व्यक्ति को जारी कर दी जाएगी।
योजना की शुरुआत कब हुई?
लाडो लक्ष्मी योजना की शुरुआत सितंबर 2025 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर की गई थी। हरियाणा दिवस (1 नवंबर) को पहली किस्त और दिसंबर के पहले सप्ताह में दूसरी किस्त जारी की गई थी।
अब हर तीन महीने में आएगी राशि
सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि अब यह सहायता राशि हर महीने की बजाय हर तीन महीने में एक साथ महिलाओं के खातों में भेजी जाएगी, ताकि भुगतान प्रक्रिया को और सुचारु बनाया जा सके।
Saurabh Dwivedi









.jpg)


.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)