
बुधवार रात को जब मध्य प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मीडिया ने सवाल पूछा तो वह नाराज हो गए और अपशब्द कहने लगे। देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 10 लोगों की मौत के बाद सियासी माहौल गरमाया हुआ है। इसी मामले को लेकर जब पत्रकारों ने मंत्री से सवाल किया, तो वह भड़क उठे।
मीडिया से बातचीत के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने सवाल पूछने के तरीके पर नाराजगी जताई और कहा कि बेवजह के सवाल न किए जाएं। इस दौरान उन्होंने आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। इसके बाद वह बिना जवाब दिए मौके से चले गए। मंत्री के इस व्यवहार के बाद वहां कुछ देर तक अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बनी रही।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई के कारण अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत के बाद 150 से अधिक लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इलाके में हालात गंभीर बने हुए हैं और लोग डरे हुए हैं।
कैसे हुई मासूम की तबीयत खराब?
मराठी मोहल्ला निवासी सुनील साहू ने बताया कि उनके छह महीने के बेटे को दूध पिलाया गया था, जिसमें नल का पानी मिलाया गया था। इसके कुछ ही समय बाद बच्चे को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई। हालत बिगड़ने पर बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मां का दर्दनाक बयान
रोते हुए साधना ने कहा, “मैं अपना बच्चा खो चुकी हूं। पता नहीं इस गंदे पानी की वजह से और कितने बच्चों को जान गंवानी पड़ेगी।” परिवार ने यह भी बताया कि उनकी 10 साल की बेटी को भी लगातार पेट दर्द की शिकायत हो रही है।
दूषित पानी की दिक्कतों को लेकर क्या बोले कैलाश विजयवर्गीय?
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि शहर में जहां-जहां पानी से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं, उन्हें तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि वह खुद इंदौर के भागीरथपुरा इलाके का दौरा कर लौटे हैं। वहां अभी भी मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि बीते दिनों में बड़ी संख्या में लोगों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।
#WATCH इंदौर: मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "शहर में जितनी भी पानी की समस्याएं आती हैं उसको पहले ठीक करने के निर्देश दिए गए... अभी मैं भागीरथपुरा से आ रहा हूं, वहां लगातार मरीजों का आना जारी है। कल से परसों तक 200 लोग भर्ती थे। कुल 1400 लोग संक्रमित हैं।… https://t.co/PZNknwDmPh pic.twitter.com/AHpBtcx7oA
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 1, 2026
200 लोग अस्पताल में भर्ती
मंत्री के अनुसार, कल और परसों के बीच करीब 200 मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए थे। फिलहाल सभी मरीजों का इलाज चल रहा है और स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। कैलाश विजयवर्गीय ने जानकारी दी कि अब तक करीब 1400 लोग संक्रमित पाए गए हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि इनमें से कोई भी मरीज गंभीर स्थिति में नहीं है, जिससे राहत की बात कही जा सकती है।
इलाज पर सरकार का पूरा ध्यान
मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यही है कि सभी मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिले। इसके लिए अस्पतालों में जरूरी इंतजाम किए गए हैं और किसी को भी इलाज के लिए परेशान न होना पड़े, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सीवर लीकेज बना वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सीवर लाइन के लीकेज के कारण गंदा पानी पीने की पाइपलाइन में मिल गया। इंदौर को नर्मदा नदी से पाइपलाइन के जरिए पानी सप्लाई किया जाता है, लेकिन इसी लाइन में गंदा पानी घुस गया।
प्रशासन की कार्रवाई
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ऐसी लापरवाही भविष्य में नहीं होने दी जाएगी। इस मामले में नगर निगम के एक जोनल अधिकारी और एक सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री प्रभावित परिवार से मिलने भी जाएंगे।
मुआवजे का ऐलान
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या अब कम हो रही है और गरीब बस्ती होने के कारण इलाज पूरी तरह मुफ्त रखा गया है।
Saurabh Dwivedi




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