Gorakhpur News: गोरखपुर में आधारभूत ढांचे के विस्तार के साथ औद्योगिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलने जा रही है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे करीब 153 एकड़ में लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित करेगा। खजनी तहसील के बहादुरपुर खुर्द और बहादुरपुर बुजुर्ग गांव में इस परियोजना के लिए जमीन का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है।

परियोजना को धरातल पर उतारने से पहले यूपीडा ने पर्यावरण अनुमति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में आवेदन किया गया है। बोर्ड ने परियोजना को लेकर आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। 24 सितंबर को परियोजना स्थल पर जनसुनवाई होगी, जिसमें कोई भी व्यक्ति पहुंचकर अपनी बात रख सकता है।

टेक्सटाइल से इलेक्ट्रॉनिक्स तक उद्योगों को मिलेगी जगह
प्रस्तावित लॉजिस्टिक क्लस्टर में कई तरह की औद्योगिक इकाइयों को जमीन उपलब्ध कराने की योजना है। यहां टेक्सटाइल, एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और पैकेजिंग से जुड़ी इकाइयों को जगह मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेवाओं को भी विकसित किया जाएगा। एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी होने के कारण यहां तैयार होने वाले सामान को दूसरे शहरों और बड़े बाजारों तक कम समय में पहुंचाने में मदद मिलेगी।

औद्योगिक गलियारे को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित करने की घोषणा की जा चुकी है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) भी इस क्षेत्र में औद्योगिक विस्तार की दिशा में काम कर रहा है। इसी क्षेत्र में यूपीडा ने भी जमीन खरीदी है। ऐसे में प्रस्तावित लॉजिस्टिक क्लस्टर को लिंक एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है। उद्योगों के साथ लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सुविधाएं विकसित होने से क्षेत्र में कारोबारी गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।

स्थानीय युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
क्लस्टर में उद्योग शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा परिवहन, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, सप्लाई चेन और अन्य सेवाओं में भी रोजगार बढ़ सकता है। इससे पूर्वांचल के युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से छोटे व्यापारियों और सेवा क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों को भी फायदा मिल सकता है।

किसानों और व्यापारियों को भी फायदा
लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सुविधाएं विकसित होने से स्थानीय किसानों और व्यापारियों के लिए अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। सामान को रखने, पैक करने और दूसरे शहरों तक भेजने की सुविधाएं एक ही क्षेत्र में मिलने से समय और परिवहन लागत कम करने में मदद मिल सकती है। इससे गोरखपुर और आसपास के जिलों के कृषि उत्पादों समेत अन्य स्थानीय सामान को प्रदेश और देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी से निवेश को बढ़ावा
गोरखपुर में पिछले कुछ वर्षों में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए क्षेत्र की कनेक्टिविटी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से जुड़ चुकी है। इससे माल की आवाजाही आसान हुई है और निवेशकों के लिए गोरखपुर की उपयोगिता बढ़ी है।

गोरखपुर बन सकता है बड़ा औद्योगिक-लॉजिस्टिक्स हब
153 एकड़ का यह लॉजिस्टिक क्लस्टर गोरखपुर के औद्योगिक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। एक ही क्षेत्र में उद्योग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित होने से निवेश की नई संभावनाएं पैदा होंगी। आने वाले समय में लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे ऐसी परियोजनाओं के विस्तार से गोरखपुर को पूर्वांचल के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है।

24 सितंबर को जनसुनवाई
पर्यावरण अनुमति की प्रक्रिया के तहत 24 सितंबर को परियोजना स्थल पर जनसुनवाई होगी। परियोजना को लेकर किसी व्यक्ति या प्रभावित पक्ष को आपत्ति या सुझाव देना है तो वह जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी बात दर्ज करा सकता है। 

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