UP 2027 Election: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है, और इस बार भी लखनऊ के सिंहासन का फैसला पूर्वांचल के हाथ में माना जा रहा है। प्रदेश के करीब 25 से 26 जिलों और 125 से अधिक विधानसभा सीटों वाले इस रणनीतिक क्षेत्र को साधने के लिए योगी सरकार ने बड़ा दांव चला है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए 59,019.54 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट में पूर्वांचल के बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को केंद्र में रखा गया है।

कनेक्टिविटी का नया नेटवर्क
बता दें कि बजट में पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है। प्रयागराज, मीरजापुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र जैसे 6 जिलों को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेसवे के लिए 6,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सोनभद्र, चंदौली और गाजीपुर के रास्ते विंध्य एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक स्पार के लिए 80 करोड़ रुपये निर्माण और 2,300 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण हेतु रखे गए हैं।

दिल्ली-लखनऊ तक सीधी पहुंच
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा तैयार किए जा रहे इस नेटवर्क से सोनभद्र और मीरजापुर जैसे सुदूर जिले भी सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जरिए लखनऊ और दिल्ली से जुड़ जाएंगे।

सियासी दिग्गज और 2022 का अंकगणित
पूर्वांचल की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि गोरखपुर का हिस्सा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल की सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। वाराणसी (8 में से 8 सीटें), मीरजापुर (5 सीटें) और सोनभद्र (4 सीटें) में भाजपा ने एकतरफा दबदबा बनाया था। आजमगढ़ में सपा ने सभी 10 सीटों पर कब्जा जमाया था, जबकि गाजीपुर (6 सीटें) में सपा-सुभासपा गठबंधन ने क्लीन स्वीप किया था। जौनपुर (सपा 5, भाजपा 4), बलिया (सपा-सुभासपा 4, भाजपा 2, बसपा 1), मऊ (सपा 3, भाजपा 1), चंदौली (भाजपा 3, सपा 1) और भदोही (भाजपा 2, सपा 1) में दोनों धड़ों के बीच कड़ा मुकाबला रहा था।

2027 का सियासी समीकरण
आजमगढ़, गाजीपुर और जौनपुर में विपक्ष के मजबूत प्रभाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी बुनियादी ढांचा विकास और तेज कनेक्टिविटी के जरिए विकास के एजेंडे को धार दे रही है। योगी सरकार का यह बजट आवंटन पूर्वांचल के आर्थिक परिदृश्य को बदलने के साथ-साथ 2027 के चुनावी रण में भाजपा की स्थिति मजबूत करने का एक बड़ा प्रशासनिक व राजनीतिक कदम माना जा रहा है। 

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Written by Shailesh Yadav