अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक नक्शा साझा किया। जिसके सामने आते ही हड़कंप मच गया। पोस्ट में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को New U.S. Territory यानी अमेरिका का नया क्षेत्र बताया गया। ट्रंप की यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत किसी निर्णायक समझौते तक नहीं पहुंच सकी है और होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं।
ट्रंप के बयान से बढ़ी टकराव की आशंका
ट्रंप इससे पहले भी कह चुके हैं कि अगर ईरान को युद्ध में हराया जाता है तो वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने पर विचार करेंगे। 17 अगस्त को उन्होंने कहा था कि अमेरिका नाकेबंदी के जरिए इस जलमार्ग पर नियंत्रण रखता है और उन्हें इसे अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने का विचार पसंद है। उसी दौरान उन्होंने ईरान के साथ समझौते को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया और कहा कि तेहरान उस तरह की डील स्वीकार करने को तैयार नहीं है, जिसे वॉशिंगटन जरूरी मानता है।
18 अगस्त को ट्रंप की नई पोस्ट ने इस बयान को और आगे बढ़ा दिया। हालांकि उन्होंने नक्शा साझा करने के साथ यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिकी प्रशासन कथित तौर पर इस क्षेत्र को किस कानूनी या प्रशासनिक तरीके से अमेरिकी क्षेत्र बनाने की कोशिश करेगा।
मांगें पूरी होने तक नहीं खुलेगा होर्मुज: ईरान
ट्रंप की पोस्ट से पहले ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने साफ कर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए अमेरिका को जून में हुए अंतरिम समझौते की शर्तें पूरी करनी होंगी। ईरान की प्रमुख मांगों में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना, ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को कम या समाप्त करना और विदेशों में जमा ईरानी संपत्तियों तथा फंड को जारी करना शामिल है। गालिबाफ ने यह भी संकेत दिया कि अगर अमेरिका अपनी नीति में बदलाव नहीं करता तो ईरान राजनयिक और सैन्य दोनों माध्यमों से जवाब देने की तैयारी रखता है।
ओमान के साथ ईरान की अलग बातचीत
इस पूरे विवाद में ओमान की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। ईरान और ओमान दोनों की सीमाएं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लगती हैं। ईरान ने सोमवार को बताया था कि वह ओमान के साथ जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही को लेकर एक संयुक्त व्यवस्था को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच संभावित नेविगेशन रूट और उसके भौगोलिक बिंदुओं को लेकर भी बातचीत हुई है। ओमान पर ट्रंप की ओर से दी गई चेतावनियों ने इस कूटनीतिक प्रयास को और संवेदनशील बना दिया है। ऐसे में मस्कट के सामने एक ओर ईरान के साथ समुद्री व्यवस्था पर बातचीत जारी रखने और दूसरी ओर अमेरिका के दबाव से निपटने की चुनौती है।
IRGC ने ट्रंप के बैकचैनल दावे को नकारा
इसी बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने अमेरिका के साथ कथित बैकचैनल बातचीत के ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया है। IRGC की ओर से कहा गया कि उसके अधिकारियों और अमेरिकियों के बीच ऐसी कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। इस बयान से यह संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच भरोसे का संकट अभी भी गहरा है।
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क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा और समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है। यहां किसी भी लंबे समय तक चलने वाले व्यवधान का असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति, शिपिंग लागत और ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र के दस्तावेजों में भी होर्मुज क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री आवाजाही और नेविगेशन को लेकर गंभीर चिंताओं का उल्लेख किया गया है।
Written By: Geeta Sharma