श्रीनगर: भारतीय युवक कांग्रेस ने रविवार को श्रीनगर में 'छात्रों की गूंज – मैराथन 2026' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाना था।
यह आयोजन युवक कांग्रेस के देशव्यापी 'छात्रों की गूंज' अभियान का हिस्सा है, जिसके माध्यम से छात्रों द्वारा उठाई जा रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रिया में देरी और रोजगार के अवसरों की कमी जैसे मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया जा रहा है।
श्रीनगर 28 शहरों में शामिल
युवा कांग्रेस के अध्यक्ष यासिर मांडू ने बताया कि इस अभियान के लिए देशभर के 28 शहरों का चयन किया गया था, जिनमें श्रीनगर भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के तहत शहर में 11 किलोमीटर की मैराथन के अलावा कई अन्य गतिविधियों का आयोजन किया गया।
मांडू ने कहा, "हम आज 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के तहत यहां एकत्र हुए हैं। श्रीनगर इस अभियान के लिए चुने गए 28 शहरों में से एक है। हमने 11 किलोमीटर की मैराथन आयोजित की है और कई अन्य कार्यक्रम भी किए हैं। युवाओं का संदेश साफ है कि भ्रष्टाचार, वसूली, वोट चोरी और पेपर लीक वाली सरकार अब इस देश में स्वीकार नहीं की जाएगी। देश में केवल राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' की सोच आगे बढ़ेगी।"
देहरादून में राहुल गांधी ने छात्रों से किया संवाद
इससे पहले देहरादून में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक ऐसे व्यक्ति से मुलाकात की, जिसकी बेटी ने कथित तौर पर पिछले वर्ष नीट (NEET) पेपर लीक के बाद आत्महत्या कर ली थी।
कार्यक्रम में छात्रा के पिता ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि बेटी के बिना उनका जीवन मुश्किल हो गया है। उन्होंने राहुल गांधी से इस मुद्दे को संसद में उठाने की अपील की, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप
देहरादून में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में कम से कम 7.5 करोड़ छात्र पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल परीक्षा प्रश्नपत्र लीक कराने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "अगर किसी के पास करोड़ों रुपये हों, तो परीक्षा के प्रश्नपत्र इंटरनेट, टेलीग्राम या सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म पर मिल सकते हैं। यही आज भारत की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति है। पिछले 10 वर्षों में 7.5 करोड़ युवाओं को पेपर लीक की वजह से नुकसान हुआ है।"
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राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन किसी भी मामले में दोषियों को सजा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि कई मामले सामने ही नहीं आते।
कोटा से हुई थी अभियान की शुरुआत
राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से एक 'महा रैली' के जरिए 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान का उद्देश्य छात्रों के सामने आने वाली परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, भर्ती में देरी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े व्यापक मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।
Written By: Pradeep Singh