Sawan 2026 Rudrabhishek: भगवान शिव की आराधना के लिए सावन का महीना सबसे पवित्र माना जाता है। इस वर्ष सावन 28 अगस्त 2026 तक रहेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों और घरों में शिवलिंग का रुद्राभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया रुद्राभिषेक जीवन की अनेक बाधाओं को दूर करने में सहायक माना जाता है। रुद्राभिषेक के दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल, गन्ने का रस और अन्य पवित्र द्रव्य अर्पित किए जाते हैं। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अलग-अलग इच्छाओं की पूर्ति के लिए अलग-अलग पदार्थों से अभिषेक करना अधिक फलदायी माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान शिव का अभिषेक किन-किन चीजों से करना शुभ माना जाता है? आइए, यहां जानिए...

किस इच्छा के लिए किस द्रव्य से करें रुद्राभिषेक?

* लंबे समय से किसी गंभीर बीमारी से परेशान हैं तो कुश के जल से अभिषेक करना शुभ माना जाता है।
* अपना घर या वाहन खरीदने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालु दही से शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं।
* परिवार में सुख-समृद्धि और अन्न-धन की वृद्धि के लिए शहद और शुद्ध घी से रुद्राभिषेक करने की मान्यता है।
* आर्थिक उन्नति और धन लाभ की कामना रखने वालों के लिए गन्ने के रस से अभिषेक करना शुभ बताया गया है।
* आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष की इच्छा रखने वाले किसी पवित्र तीर्थ का जल लाकर भगवान शिव का अभिषेक कर सकते हैं।
* संतान सुख की कामना करने वालों के लिए दूध से रुद्राभिषेक विशेष फलदायी माना जाता है।
* नौकरी में आ रही रुकावटें दूर करने या विरोधियों से राहत पाने के लिए सरसों के तेल से अभिषेक करने की मान्यता है।
* बुखार या शारीरिक कष्ट से राहत की प्रार्थना के लिए गंगाजल से अभिषेक किया जाता है।
* रोगों से मुक्ति की कामना रखने वाले श्रद्धालु सुगंधित इत्र से भी रुद्राभिषेक कर सकते हैं।
* पुत्र प्राप्ति की इच्छा रखने वालों के लिए जल में शक्कर मिलाकर अभिषेक करना शुभ माना गया है।
* अच्छे स्वास्थ्य और शारीरिक बल के लिए दूध, घी या दोनों मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक किया जा सकता है।
* बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि की कामना हो तो दूध में शक्कर मिलाकर अभिषेक करने का विधान बताया गया है।
* पापों के प्रायश्चित और रोगों से राहत के लिए शहद से रुद्राभिषेक करने की मान्यता प्रचलित है।

सावन में रुद्राभिषेक के लिए सबसे शुभ तिथियां

यद्यपि पूरे सावन माह में किसी भी दिन श्रद्धापूर्वक रुद्राभिषेक किया जा सकता है, लेकिन कुछ तिथियों का विशेष महत्व बताया गया है। सावन के सोमवार, सावन शिवरात्रि, प्रदोष व्रत और नाग पंचमी के अवसर पर किया गया रुद्राभिषेक विशेष पुण्यदायी माना जाता है। इन दिनों भगवान शिव की पूजा-अर्चना और अभिषेक करने से भक्तों को विशेष कृपा प्राप्त होने की धार्मिक मान्यता है।

नोट: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक विश्वासों पर आधारित है। अलग-अलग ग्रंथों, परंपराओं और विद्वानों के मत में कुछ भिन्नता हो सकती है। TNP NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Written By: Sushma Pandey