लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। महाना ने आरोप लगाया कि अवधेश प्रसाद की टिप्पणी से पूरे हिंदू समाज का अपमान हुआ है।
हिंदू समाज को चोर बताया जा रहा है
पत्रकारों से बातचीत में सतीश महाना ने कहा कि जिन लोगों का भगवान राम से कोई संबंध नहीं है, वे उनसे चंदे की रसीद मांगने की बात कैसे कर सकते हैं। उन्होंने अवधेश प्रसाद के उस कथित बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर वहां मुस्लिम मौजूद होते तो चोरी नहीं होती।
महाना ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी से ऐसा संदेश जाता है कि पूरे हिंदू समाज को चोर बताया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर लोग ऐसे बयान पर चुप क्यों हैं और क्या इस तरह की टिप्पणियों को सार्वजनिक जीवन में सामान्य मान लिया जाना चाहिए।
श्रद्धालुओं को नहीं मिलती दान की रसीद
दरअसल, अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चंदे की पारदर्शिता और उसके इस्तेमाल को लेकर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने सवाल उठाए थे। उन्होंने मांग की थी कि मंदिर में श्रद्धालुओं से मिलने वाले दान की रसीद दी जानी चाहिए और लोगों को यह भी बताया जाना चाहिए कि उनके द्वारा दिया गया चंदा कहां और किस तरह खर्च किया जा रहा है।
इसी दौरान अवधेश प्रसाद की एक कथित टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। उनके बयान पर बीजेपी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया।
सपा कर रही पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
बीजेपी नेताओं का आरोप है कि अवधेश प्रसाद ने मंदिर में कथित चोरी के मुद्दे पर सवाल उठाने के बजाय अपनी टिप्पणी के जरिए पूरे हिंदू समाज को निशाना बनाया। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से मंदिर में चंदे के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लगातार उठाई जा रही है।
सतीश महाना ने भी अवधेश प्रसाद के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को ऐसे बयानों पर सवाल उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों को सामान्य राजनीतिक बयान मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
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राम मंदिर को लेकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच पहले से ही राजनीतिक टकराव जारी है। अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से मंदिर के प्रशासन, चंदे और प्रबंधन से जुड़े मुद्दे लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं।
ताजा विवाद ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बीजेपी और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप को तेज कर दिया है। बीजेपी जहां अवधेश प्रसाद के बयान को हिंदू भावनाओं से जोड़कर निशाना साध रही है, वहीं विपक्ष मंदिर के चंदे और उसके इस्तेमाल में पारदर्शिता की मांग को अपना मुद्दा बना रहा है।
Written By: Pradeep Singh