Period Problems: महिलाओं के लिए पीरियड्स एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, लेकिन इससे जुड़ी कई समस्याओं को अक्सर महिलाएं सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देती हैं। कई बार यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। पीरियड्स में होने वाले कुछ बदलाव शरीर में किसी अंदरूनी समस्या या बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं। इसलिए इन लक्षणों को समझना और समय पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
सात दिन से ज्यादा समय तक पीरियड्स आना
अगर मासिक धर्म की अवधि लगातार एक हफ्ते से ज्यादा रहती है तो इसे सामान्य नहीं माना जाता। लंबे समय तक ब्लीडिंग होने से शरीर में कमजोरी और खून की कमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।
पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग या स्पॉटिंग
अगर दो पीरियड्स के बीच अचानक खून के धब्बे दिखाई देते हैं या पीरियड खत्म होने के बाद भी ब्लीडिंग होती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह हार्मोनल बदलाव या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा कर सकता है।
जरूरत से ज्यादा ब्लड फ्लो होना
अगर पीरियड्स के दौरान हर घंटे पैड बदलने की जरूरत पड़ रही है या ब्लीडिंग सामान्य से काफी ज्यादा है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। बहुत ज्यादा रक्तस्राव को सामान्य पीरियड्स का हिस्सा नहीं माना जाता।
असहनीय दर्द होना
पीरियड्स के दौरान हल्का दर्द आम है, लेकिन अगर दर्द इतना बढ़ जाए कि रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। लगातार तेज दर्द किसी मेडिकल कंडीशन का संकेत हो सकता है।
लंबे समय तक पीरियड्स मिस होना
प्रेग्नेंसी के अलावा अगर कई महीनों तक पीरियड्स नहीं आते हैं तो इसके कारणों का पता लगाना जरूरी है। तनाव के अलावा हार्मोनल असंतुलन या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी इसकी वजह हो सकती हैं।
पीरियड्स की समस्याएं किन बीमारियों से जुड़ी हो सकती हैं?
PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम)
PCOS एक हार्मोन से जुड़ी समस्या है, जिसमें पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं। कई महिलाओं को लंबे समय तक पीरियड्स न आने या कम होने जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।
थायराइड की समस्या
थायराइड हार्मोन में गड़बड़ी होने पर मासिक धर्म चक्र प्रभावित हो सकता है। इससे पीरियड्स कम, ज्यादा या अनियमित हो सकते हैं।
एंडोमेट्रिओसिस
इस स्थिति में गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी ऊतक की वृद्धि दूसरी जगह होने लगती है। इससे पीरियड्स के दौरान तेज दर्द और ज्यादा ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है।
पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID)
यह एक संक्रमण है जो महिलाओं के प्रजनन अंगों को प्रभावित कर सकता है। इसके कारण पेट के निचले हिस्से में दर्द और असामान्य ब्लीडिंग जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
कैंसर
गर्भाशय, सर्विक्स या ओवरी से जुड़े कैंसर के कारण भी पीरियड्स में बदलाव दिखाई दे सकते हैं। इनमें अनियमित ब्लीडिंग, स्पॉटिंग, ज्यादा रक्तस्राव, असामान्य डिस्चार्ज या तेज दर्द जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं।
HIV/AIDS
एचआईवी संक्रमण के कारण भी कुछ महिलाओं में पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं। कई बार लंबे समय तक पीरियड्स न आना या ज्यादा ब्लीडिंग जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। किसी भी लक्षण को देखकर खुद से बीमारी का अनुमान नहीं लगाना चाहिए। अगर पीरियड्स में लगातार बदलाव या असामान्य परेशानी महसूस हो रही है तो स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से सलाह लेकर जरूरी जांच करवानी चाहिए।
Written By: Sushma Pandey