Vande Mataram controversy: बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने वंदे मातरम् को लेकर चल रही बहस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में इस मुद्दे को लेकर जिस तरह की राजनीति हो रही है, वह उचित नहीं है। मायावती ने सवाल किया कि देश में वंदे मातरम् का पूरा गीत गाया जाना है या इसके शुरुआती दो छंद ही गाए जाने हैं।

मायावती ने कहा कि वंदे मातरम् को लेकर हाल में संसद में जो कानून पारित किया गया है, वह कोई पहली घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों में सत्ता परिवर्तन के दौरान राजनीतिक दल अपने राजनीतिक हितों और फायदे के हिसाब से पहले से बने कानूनों में बदलाव करते रहे हैं।

राजनीतिक दलों पर जनता का ध्यान भटकाने का आरोप

BSP प्रमुख ने कहा कि सत्ता में आने वाली पार्टियां कई बार अपने राजनीतिक स्वार्थ या अपनी कमियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ऐसे मुद्दों को सामने लाती हैं। उनके मुताबिक कानूनों में बदलाव की राजनीति लंबे समय से देखने को मिलती रही है।

बेरोजगार युवाओं और छात्रों के मुद्दे उठाए

मायावती ने कहा कि इस समय देश के सामने कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने खास तौर पर बेरोजगार युवाओं, छात्र-छात्राओं और स्कूली बच्चों से जुड़े मामलों को महत्वपूर्ण बताया।

बाढ़ से हो रहे नुकसान का भी किया जिक्र

अपने बयान में मायावती ने देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ के कारण हो रही जान-माल की भारी क्षति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सरकारों को जनता की परेशानियों और राहत से जुड़े जरूरी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

केंद्र और राज्य सरकारों को दी नसीहत

मायावती ने कहा कि केंद्र और सभी राज्य सरकारों के साथ-साथ राजनीतिक दलों को भी देश और जनहित से जुड़े अहम विषयों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उनका कहना है कि मौजूदा समय में जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है।

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