Festival Season Price Hike: त्योहारों के सीजन से पहले हरियाणा में आम आदमी की जेब पर महंगाई का दबाव बढ़ गया है। चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतों ने घर का बजट बिगाड़ दिया है। पिछले कुछ दिनों में इन दोनों के दामों में तेज उछाल देखने को मिला है, जिससे गृहणियों की चिंता बढ़ गई है।

अंबाला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में चीनी की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक सप्ताह पहले जहां चीनी करीब 51 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वहीं अब इसका भाव बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। यानी महज सात दिनों में चीनी के दाम में करीब 14 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।

चीनी के बढ़ते दामों से त्योहारों पर असर

चीनी की कीमत बढ़ने का सीधा असर आम लोगों की रसोई पर दिखाई दे रहा है। चाय से लेकर मिठाई और घर में बनने वाले पकवान तक, हर चीज की लागत बढ़ गई है।मध्यम वर्गीय परिवार पहले ही बढ़ते खर्चों से परेशान हैं और अब चीनी के महंगे होने से उनका मासिक बजट और प्रभावित हो रहा है। त्योहारों के दौरान मिठाई बनाने और खरीदने पर भी लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।

प्याज भी हुआ महंगा, 50 रुपये के पार पहुंचा भाव

चीनी के साथ-साथ प्याज की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। बाजार में प्याज का भाव 50 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है।प्याज जैसी रोजमर्रा की जरूरत की चीज महंगी होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। गृहणियों का कहना है कि सब्जियों और राशन के बढ़ते दामों के बीच घर का खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है।

कारोबारियों ने बताई कीमत बढ़ने की वजह

होलसेल कारोबारियों के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में चीनी के दामों में लगातार तेजी आई है। एक सप्ताह पहले चीनी करीब 5100 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही थी, जो अब बढ़कर करीब 6500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है।कारोबारियों का कहना है कि अचानक बढ़ी कीमतों का असर मिठाई कारोबार पर भी पड़ रहा है। महंगी चीनी की वजह से दुकानदारों की लागत बढ़ रही है, जबकि ग्राहकों की खरीदारी क्षमता प्रभावित होने की चिंता भी बनी हुई है।

सरकार से कीमतों पर नियंत्रण की मांग

स्थानीय लोगों ने बढ़ती महंगाई पर चिंता जताते हुए सरकार से जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने की मांग की है।लोगों का कहना है कि चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए गन्ना उत्पादन, चीनी उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन के बीच संतुलन जरूरी है, ताकि बाजार में सप्लाई बनी रहे और कीमतों पर नियंत्रण रखा जा सके।त्योहारों के मौसम में चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब लोगों की नजर सरकार के कदमों पर है, ताकि महंगाई के बीच त्योहारों की खुशियां फीकी न पड़ें।