Delhi Ring Road Extension News: दिल्ली की तीसरी रिंग रोड यानी अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 अब सिर्फ राजधानी के ट्रैफिक को राहत देने तक सीमित नहीं रहेगी। इसे हरियाणा और एनसीआर के बड़े एक्सप्रेसवे से जोड़कर दिल्ली के चारों तरफ तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इससे सोनीपत, बहादुरगढ़, गुरुग्राम, रोहतक और झज्जर जैसे इलाकों से दिल्ली आने-जाने वाले वाहनों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। करीब 75-76 किलोमीटर लंबी छह लेन की एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़क दिल्ली को बिना शहर के अंदर प्रवेश किए कई प्रमुख हाईवे और एक्सप्रेसवे से जोड़ रही है।

बवाना से सोनीपत तक बनेगा नया लिंक
UER-II के उत्तरी हिस्से को हरियाणा के सोनीपत से जोड़ने के लिए बवाना इंडस्ट्रियल एरिया से करीब चार लेन की लिंक रोड तैयार की जा रही है। यह मार्ग एनएच-44 के समानांतर दिल्ली और सोनीपत के बीच नया विकल्प उपलब्ध कराएगा। इसके शुरू होने से सोनीपत और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से दिल्ली आने-जाने वाले ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्ता मिलेगा और मौजूदा मार्गों पर दबाव कम हो सकता है।

नजफगढ़ से बहादुरगढ़ की दूरी भी होगी आसान
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली को हरियाणा से जोड़ने के लिए नजफगढ़ से बहादुरगढ़ के बीच 7.3 किलोमीटर की लिंक रोड बनाई जा रही है। झारोदा कलां की तरफ से निकलने वाला यह मार्ग सीधे बहादुरगढ़ बाईपास से जुड़ेगा। इस कनेक्टिविटी से झज्जर और रोहतक की ओर जाने वाले ट्रैफिक को दिल्ली के व्यस्त हिस्सों में प्रवेश करने की जरूरत कम होगी।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा UER-II
UER-II को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए महिपालपुर और शिव मूर्ति क्षेत्र के पास फ्लाईओवर और एलिवेटेड रैंप विकसित किए जा रहे हैं। आगे यह नेटवर्क DND फ्लाईवे-आश्रम एक्सप्रेसवे लिंक के जरिए भी जोड़ा जा रहा है। इसका फायदा यह होगा कि एनसीआर के कई हिस्सों से आने वाला ट्रैफिक दिल्ली के अंदरूनी हिस्सों में आए बिना जयपुर, सोहना और आगे मुंबई की दिशा में जा सकेगा।

KMP एक्सप्रेसवे से भी बनेगा सीधा लिंक
UER-II के उत्तरी छोर यानी अलीपुर-नरेला क्षेत्र को कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए फीडर रोड पर भी काम किया जा रहा है। इस कनेक्टिविटी के जरिए दिल्ली से आने वाला भारी और व्यावसायिक ट्रैफिक सीधे हरियाणा के बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क में प्रवेश कर सकेगा। प्रस्तावित हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के लॉजिस्टिक्स हब से कनेक्टिविटी भी इस नेटवर्क को और महत्वपूर्ण बनाएगी।

एयरपोर्ट और द्वारका एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच
UER-II को द्वारका एक्सप्रेसवे से जोड़ा गया है। इसके जरिए आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 और निर्माणाधीन टर्मिनल-4 की ओर जाने वाले ट्रैफिक को बेहतर कनेक्टिविटी मिल रही है। द्वारका सेक्टर-25 में यशोभूमि के आसपास बनाए गए लूप और एप्रोच रोड भी इस नेटवर्क को मजबूत करते हैं। इससे दक्षिण-पश्चिम दिल्ली और गुरुग्राम की तरफ जाने वाले यात्रियों को फायदा मिलेगा।

2 घंटे का सफर अब करीब 30 मिनट?
UER-II के आने से सोनीपत-अलीपुर से आईजीआई एयरपोर्ट तक जाने वाले ट्रैफिक को बड़ा फायदा मिला है। पहले आउटर रिंग रोड और दिल्ली के अंदरूनी हिस्सों से गुजरने में करीब 2 से ढाई घंटे तक लग सकते थे। नए एक्सेस-कंट्रोल्ड रूट से यह सफर काफी कम समय में पूरा किया जा सकता है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि चंडीगढ़, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा से आने वाले कई वाहन अब दिल्ली के भीड़भाड़ वाले हिस्सों में प्रवेश किए बिना जयपुर, गुरुग्राम, एयरपोर्ट और अन्य दिशाओं में आगे बढ़ सकते हैं।

दिल्ली से बाहर निकलते ही एक्सप्रेसवे का नेटवर्क
UER-II के साथ बवाना-सोनीपत लिंक, नजफगढ़-बहादुरगढ़ लिंक, द्वारका एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और KMP एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी पूरी होने पर दिल्ली के चारों ओर तेज रफ्तार सड़कों का नेटवर्क और मजबूत होगा। 

Written by Shailesh Yadav