Bank Cheque Rule 2027: अगर आप अभी भी अपनी पुरानी चेकबुक से बड़े भुगतान करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। बैंकिंग व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित और तेज बनाने के लिए चेक से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी है। ऐसे में ग्राहकों को अपनी चेकबुक से जुड़ी जानकारी समय रहते जांच लेने की सलाह दी जा रही है।

दिए गए बैंकिंग अपडेट के मुताबिक, 1 जनवरी 2027 से अल्फा-न्यूमेरिक कोड वाली चेकबुक को लेकर नई व्यवस्था लागू होने की बात कही गई है। जिन ग्राहकों की पुरानी चेकबुक में जरूरी कोड मौजूद नहीं होगा, उन्हें नई चेकबुक लेने की जरूरत पड़ सकती है।यानी अगर आपके पास काफी पुरानी चेकबुक पड़ी है और उसका इस्तेमाल बड़े भुगतान के लिए होता है, तो आखिरी समय का इंतजार करने के बजाय अभी बैंक से इसकी जानकारी लेना बेहतर रहेगा।

आखिर चेकबुक में क्या बदलने वाला है?

नई व्यवस्था में चेक की पहचान और उसके सत्यापन को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए अल्फा-न्यूमेरिक कोड का इस्तेमाल किया जाता है। जैसा कि नाम से ही पता चलता है, इसमें अक्षरों और अंकों का संयोजन होता है।इस तरह के कोड का मकसद चेक की पहचान को मजबूत करना और फर्जीवाड़े की संभावना को कम करना है।खासकर बड़ी रकम के चेक में सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। बैंकिंग सिस्टम के डिजिटल होने के बावजूद आज भी कई लोग संपत्ति, कारोबार, फीस या दूसरे बड़े भुगतान के लिए चेक का इस्तेमाल करते हैं।

50 हजार रुपये या उससे ज्यादा के चेक पर खास ध्यान

दिए गए अपडेट में Bank of India की ओर से ग्राहकों को दी गई सूचना का हवाला दिया गया है। इसके मुताबिक 31 दिसंबर 2026 के बाद 50 हजार रुपये या उससे अधिक राशि के ऐसे चेक स्वीकार नहीं किए जाने की बात कही गई है, जिनमें जरूरी अल्फा-न्यूमेरिक कोड नहीं होगा।इसलिए अगर आपके खाते से इस तरह का भुगतान होना है तो अपनी चेकबुक को पहले ही जांच लेना समझदारी होगी।हालांकि यहां सबसे जरूरी बात यह है कि ग्राहक अपने बैंक से सीधे पुष्टि करें कि उनके खाते और चेकबुक पर यह नियम किस तरह लागू होता है।

नई चेकबुक कैसे मिलेगी?

अगर आपकी मौजूदा चेकबुक नई व्यवस्था के मुताबिक नहीं है तो बैंक से नई चेकबुक के लिए आवेदन किया जा सकता है।कई बैंक अपने ग्राहकों को इस तरह के बदलाव की जानकारी SMS और ई-मेल के जरिए भी देते हैं। कुछ मामलों में मोबाइल बैंकिंग या इंटरनेट बैंकिंग से भी चेकबुक मंगाने की सुविधा उपलब्ध होती है।अगर आपके मोबाइल नंबर या ई-मेल पर बैंक की जानकारी आती है तो उसे नजरअंदाज न करें। किसी लिंक पर क्लिक करने से पहले यह जरूर जांच लें कि संदेश वास्तव में बैंक की ओर से आया है।

नई चेकबुक के लिए कितना पैसा लगेगा?

इसका कोई एक तय शुल्क नहीं है। चेकबुक की कीमत बैंक और आपके खाते के प्रकार पर निर्भर करती है।उदाहरण के लिए दिए गए विवरण में बैंक ऑफ इंडिया के बचत खाते के लिए एक साल में 25 पन्नों की एक चेकबुक मुफ्त होने की जानकारी दी गई है। निर्धारित सीमा के बाद अतिरिक्त चेक पन्नों पर शुल्क लगाया जा सकता है।दूसरे बैंकों के नियम और charges अलग हो सकते हैं। इसलिए नई चेकबुक लेने से पहले अपने बैंक की मौजूदा शुल्क सूची देखना बेहतर रहेगा।

चेक क्लीयरिंग भी हो रही है ज्यादा तेज

चेक से जुड़े बदलाव की बड़ी वजह सिर्फ सुरक्षा नहीं है। बैंकिंग सिस्टम में चेक क्लीयरिंग को पहले की तुलना में तेज करने पर भी काफी जोर दिया जा रहा है।इसके लिए Cheque Truncation System (CTS) जैसी व्यवस्था का इस्तेमाल होता है। इसमें असली कागजी चेक को एक बैंक से दूसरे बैंक तक भेजने के बजाय उसकी इलेक्ट्रॉनिक इमेज के आधार पर क्लीयरिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।इससे चेक के भौतिक रूप से अलग-अलग शाखाओं के बीच पहुंचने में लगने वाला समय कम होता है।

चेक ट्रंकेशन सिस्टम क्या है?

इसे आसान भाषा में समझें तो पहले कागज वाला चेक क्लीयरिंग प्रक्रिया में आगे बढ़ता था। CTS व्यवस्था में चेक की डिजिटल इमेज तैयार की जाती है और संबंधित बैंकिंग सिस्टम के जरिए उसे भुगतान करने वाले बैंक तक भेजा जाता है।इससे कागजी चेक के आने-जाने पर निर्भरता घटती है और भुगतान की प्रक्रिया तेज हो सकती है,यही वजह है कि बैंकिंग सिस्टम लगातार चेक क्लीयरिंग को डिजिटल और सुरक्षित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अल्फा-न्यूमेरिक कोड से क्या फायदा होगा?

अल्फा-न्यूमेरिक कोड में letters और numbers दोनों शामिल होते हैं। चेक की पहचान के लिए इस तरह की जानकारी इस्तेमाल होने से verification प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित हो सकती है।इसका एक फायदा यह भी है कि चेक के साथ होने वाली छेड़छाड़ और फर्जी चेक के जरिए भुगतान की कोशिशों को पहचानने में मदद मिल सकती है।हालांकि किसी भी सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह foolproof मानना सही नहीं है। ग्राहक को खुद भी चेक से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए।

पुरानी चेकबुक वाले ग्राहक अभी क्या करें?

अगर आपके पास पुरानी चेकबुक है तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले अपने बैंक की आधिकारिक सूचना देखें और पता करें कि आपकी चेकबुक इस बदलाव के दायरे में आती है या नहीं।अगर नई चेकबुक जरूरी है तो समय रहते आवेदन कर दें। खासकर उन लोगों को देरी नहीं करनी चाहिए जिन्हें आने वाले महीनों में 50 हजार रुपये या उससे ज्यादा के चेक जारी करने हैं।साथ ही पुरानी चेकबुक को फेंकने से पहले बैंक से पूछ लें कि उसके बचे हुए पन्नों का क्या करना है।