Pakistan: वैसे तो भारत के सामने कंगाल मुल्क की कोई औकात नहीं है, अब इंडिया की नई ताकत देख पाकिस्तान के होश उड़ गए है। यही कारण है कि वह लगातार धमकी दे रहा है। दरअसल कुछ समय पहले भारत ने अपने पनडुब्बी में परमाणु बम लगाने की जानकारी दी थी। इसके बाद से ही पड़ोसी मुल्क लगातार भारत को गीदड़भभकी दे रहा है।
पाकिस्तान के परमाणु नैशनल कमांड अथॉरिटी के सलाहकार रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल खालिद किदवई के भारत के परमाणु बमों की तैनाती को लेकर दिए बयान के बाद बहस तेज हो गई है। चलिए आपको बताते है पूरी कहानी।
समुद्र के नीचे भारत की परमाणु ताकत क्यों अहम?
पाकिस्तान और भारत दोनों ही परमाणु सक्ष्म देश है यानि दोनों के पास परमाणु बम है। लेकिन भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता में INS अरिहंत और INS अरिघात जैसी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन पनडुब्बियों को लंबे समय तक समुद्र के भीतर रहने और जरूरत पड़ने पर बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करने के लिए विकसित किया गया है।
समुद्र के भीतर उनकी स्थिति का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यही वजह है कि ऐसी पनडुब्बियां परमाणु जवाबी हमले की क्षमता को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। आसान भाषा में समझे तो युद्ध के दौरान भारत समुद्र से ही पाकिस्तान पर परमाणु हमला कर सकता है। यही कारण है कि अब पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। उसे डर है कि उसकी एक गलती उसको नक्शे से मिटा सकती है।
क्या भारत के परमाणु हथियारों की तैनाती बढ़ गई है?
SIPRI के 2026 के आकलन में कहा गया है कि भारत ने अपने परमाणु हथियारों के भंडार का विस्तार जारी रखा और नए हथियार-वितरण माध्यमों को विकसित किया। रिपोर्ट के अनुसार भारत ने संभवतः समुद्र आधारित प्रतिरोधक गश्त के दौरान एक पनडुब्बी पर मिसाइलों के साथ सीमित संख्या में परमाणु हथियार तैनात करना शुरू कर दिया है। यानि अगर भारत चाहे तो एक क्लिक से कराची के साथ-साथ पूरे मुल्क को बर्बाद कर सकता है।
भारत की कार्रवाई से डरा पाकिस्तान
जनरल किदवई ने इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम में सिप्री की रिपोर्ट के हवाले से चेतावनी दी कि भारत ने अपनी सबमरीन में परमाणु बम को तैनात किया है। यह भारत के 'डेटरेंस पेट्रोल' का हिस्सा है। साथ ही उन्होंने पाकिस्तानी सेना को सलाह दी और कहा कि अपनी परमाणु बम के तैनाती के विकल्पों की'समीक्षा और पुर्नविचार' करे।