Iran-Pakistan Conflict: अगर आपसे कहा जाए कि ईरान और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। यह सुनने में थोड़ा अटपटा लगेगा लेकिन मिडिल ईस्ट के बाद एशिया में ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है। दोनों देशों के बीच साझा सीमा पर सुरक्षा संबंधी चिंताएं, व्यापारिक गतिविधियों में रुकावट और क्षेत्रीय अस्थिरता ने हालात को संवेदनशील बना दिया है।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ईरान और पाकिस्तान के बीच भी सैन्य टकराव की स्थिति बन सकती है। आइए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
Iran Pakistan Conflict से बढ़ी चिंता?
ईरान और पाकिस्तान के बीच करीब 900 किलोमीटर लंबी सीमा है। यह सीमा ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान और पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्रों से होकर गुजरती है। लंबे समय से इस इलाके में सक्रिय सशस्त्र समूहों, सीमा पार हमलों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण दोनों देशों के बीच अविश्वास की स्थिति बनी रही है।
अक्टूबर 2026 में पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ईरान के साथ कुछ प्रमुख सीमा चौकियों पर व्यापारिक आवाजाही रोक दी थी। अब ईरान ने भी धमकी दी है कि, ट्रकों की आवाजाही रोके जाने के जवाब में अपनी जमीनी सीमा को बंद कर सकता है। ईरान ने आरोप लगाया कि पाक अमेरिका के कहने पर यह चीजें कर रहा है।
क्या दोनों देशों के बीच शुरू होगा युद्ध?
दोनों देशों के बीच लगातार स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। बात अब धमकी तक पहुंच चुकी ने जिसने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए है कि क्या आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव देखने को मिल सकता है।
गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान टेंशन के बीच पाकिस्तान शुरू से ही अमेरिका वकालत करता रहा है। ईरान का कहना है कि हाल ही में हुए एक्शन में भी अमेरिका का हाथ हो सकता है। यही कारण है कि अब ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भारत और एशिया पर क्या पड़ सकता है असर?
ईरान और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने की स्थिति में दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया की सुरक्षा परिस्थितियां प्रभावित हो सकती हैं। सीमा व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति, परिवहन और क्षेत्रीय कूटनीति पर इसका असर पड़ने की आशंका रहेगी। भारत के लिए भी पश्चिम एशिया में स्थिरता महत्वपूर्ण है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है या फिर स्थिति सामान्य होगी?