UP Politics 2026: चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भारतीय निर्वाचन आयोग से पार्टी की ओर से जुटाए गए हजारों हलफनामों पर संज्ञान लेने और कथित चुनावी अनियमितताओं की जांच करने की मांग की है। अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए हालिया घटनाक्रम को ‘अच्छी शुरुआत’ बताया और कहा कि अब चुनाव आयोग को इन हलफनामों पर भी ध्यान देना चाहिए।

अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, 'खैर, यह एक अच्छी शुरुआत है। अब शायद चुनाव आयोग हमारे द्वारा जुटाए गए चुनावी गड़बड़ियों और घोटालों से जुड़े हजारों हलफनामों पर भी संज्ञान लेगा।” सपा प्रमुख के इस बयान ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर पार्टी की चिंताओं को फिर सामने ला दिया है।

एमएलसी चुनाव में धांधली के आरोप, प्रशासन पर भी उठाए सवाल
इससे पहले 23 अक्टूबर को अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में एमएलसी स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर भाजपा पर चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि कई जिलों में मतदाता सत्तारूढ़ दल से नाराज हैं और बड़ी संख्या में लोगों ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया है।

अखिलेश ने आरोप लगाया कि आगरा, फतेहपुर, इटावा, औरैया, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और नोएडा समेत कई जिलों में संभावित हार को देखते हुए गड़बड़ियां की गईं। उन्होंने प्रशासन और कथित भ्रष्ट अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

सपा प्रमुख ने कहा था कि लोगों को कथित ‘वोट चोरी’ का एहसास हो चुका है और उन्हें मतदान करने से रोकने की कोशिश की गई। हालांकि, ये आरोप सपा प्रमुख के दावे हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि के संबंध में यहां कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

27 अक्टूबर को होगी मतगणना
विधान परिषद की प्रमुख सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान संपन्न हुआ। इनमें इलाहाबाद-झांसी मंडल स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और गोरखपुर-फैजाबाद मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतदान के दौरान सुरक्षा के बहुस्तरीय इंतजाम किए गए थे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतगणना 27 अक्टूबर को होनी है।

इन चुनावों के नतीजों पर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हैं। ऐसे में अखिलेश यादव की ओर से चुनाव आयोग से हलफनामों पर संज्ञान लेने की मांग ने चुनावी पारदर्शिता को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है।

'हिंदुस्तानियत' का जिक्र कर अमित शाह पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें विपक्ष पर घुसपैठियों के मतदान अधिकारों की रक्षा करने की कोशिश का आरोप लगाया गया था। सपा प्रमुख ने कहा कि भारत की संस्कृति, आपसी भाईचारा और ‘हिंदुस्तानियत’ को किसी को घुसपैठिया बताकर कमजोर नहीं किया जा सकता। उन्होंने आपसी सम्मान और मिल-जुलकर आगे बढ़ने को भारतीय समाज की पहचान बताया।

अखिलेश ने पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग दूसरों को घुसपैठिया बताते हैं, वे खुद ही घुसपैठिए हैं। उनके इस बयान ने चुनावी अधिकारों के साथ-साथ पहचान और सामाजिक सौहार्द को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को भी केंद्र में ला दिया है। अब निगाहें चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और 27 अक्टूबर को आने वाले एमएलसी चुनाव के नतीजों पर हैं। सपा की ओर से लगाए गए आरोपों पर आयोग की ओर से किसी कार्रवाई या आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। 

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