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AI से क्या चाहते हैं लोग? Anthropic सर्वे में खुलासा, हमेशा रहता है प्राइवेसी और नौकरी जाने का डर
एंथ्रोपिक के हालिया सर्वे में 159 देशों के लोगों की राय सामने आई, जिसमें यह अहम बात सामने आई कि ज्यादातर लोग AI के कारण नौकरियां छिनने की आशंका से चिंतित हैं।
AI Job Risk Report: Claude जैसे उन्नत एजेंटिक AI विकसित करने वाली कंपनी एंथ्रोपिक ने हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक वैश्विक सर्वे किया। इस सर्वे में 159 देशों के करीब 81 हजार लोगों ने हिस्सा लिया और AI के भविष्य पर अपनी राय रखी। प्रतिभागियों से AI से जुड़ी चुनौतियों और संभावित समस्याओं पर भी सवाल किए गए। नतीजों में सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग AI के कारण नौकरियां जाने की आशंका से चिंतित हैं। इसके साथ ही लोगों ने यह भी बताया कि वे AI से क्या उम्मीदें रखते हैं और इसे किस तरह उपयोगी बनते देखना चाहते हैं।

AI से लोगों की क्या अपेक्षाएं हैं?
एंथ्रोपिक ने ‘Claude Interviewer’ नाम का एक खास AI मॉडल पेश किया, जिसने 70 भाषाओं में लोगों के इंटरव्यू किए। इन्हीं इंटरव्यू के आधार पर कंपनी ने अपनी सर्वे रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट में लोगों के जवाबों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया और उनसे यह भी पूछा गया कि वे AI से क्या चाहते हैं और उससे उनकी क्या अपेक्षाएं हैं। सर्वे के मुताबिक, करीब 18.8% लोग अपने पेशेवर कामों में AI की मदद लेना चाहते हैं। वहीं, 13.7% लोगों का मानना है कि वे अपनी निजी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए AI का इस्तेमाल करना पसंद करेंगे।

AI को लेकर क्यों बढ़ रही है वैश्विक चिंता?
सर्वे में शामिल अधिकतर लोगों ने बताया कि वे AI का उपयोग रोजमर्रा के काम आसान बनाने के लिए करते हैं, जिससे उन्हें जटिल और जरूरी कार्यों पर ध्यान देने में मदद मिलती है। लोगों की अपेक्षा है कि AI उनके समय की बचत करे और उनकी कार्यक्षमता को बेहतर बनाए। हालांकि, इसके साथ ही नौकरी जाने के खतरे को लेकर भी लोगों में चिंता बनी हुई है। कई लोग AI पर पूरी तरह निर्भर होने से हिचकिचा रहे हैं और इसे लेकर सतर्क रुख अपनाना चाहते हैं।

AI पर क्यों नहीं है लोगों का पूरा भरोसा?
एंथ्रोपिक के ग्लोबल सर्वे में सामने आया कि लोग अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए AI का इस्तेमाल तो कर रहे हैं, लेकिन इस पर पूरी तरह भरोसा करने को लेकर अभी भी संकोच में हैं। खासतौर पर नौकरियों पर पड़ने वाले असर को लेकर उनकी चिंता साफ दिखती है। सर्वे के अनुसार, केवल 5.6% लोगों ने क्रिएटिव एक्सप्रेशन के लिए AI के उपयोग को स्वीकार किया, जबकि 26.7% लोगों ने AI पर भरोसा न होने की बात कही। वहीं, 22.3% प्रतिभागियों ने रोजगार और अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई।

देशों के स्तर पर देखें तो भारत, ब्राजील और इजराइल के लोगों ने AI को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है, जबकि जर्मनी, दक्षिण कोरिया और यूके के लोग अधिक सतर्क नजर आए। इसके अलावा, सर्वे में AI की सीमित समझ, गलत जानकारी (मिसइन्फॉर्मेशन), गवर्नेंस की चुनौतियां और प्राइवेसी जैसे मुद्दों को लेकर भी चिंताएं सामने आईं।
Written By - Namita Verma
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