ChatGPT का इस्तेमाल अब सिर्फ सवालों के जवाब पाने तक सीमित नहीं है। लोग इस पर अपनी निजी बातें साझा करने, जरूरी कामों की प्लानिंग करने और कई तरह की जानकारियां हासिल करने के लिए भी निर्भर हैं। ऐसे में अगर किसी को अपना फोन या लैपटॉप किसी दूसरे व्यक्ति को देना पड़े, तो चैट हिस्ट्री में मौजूद निजी बातचीत सामने आने का खतरा रहता है। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए OpenAI ने ChatGPT के लिए Locked Chats फीचर पेश किया है। इसके जरिए यूजर्स अपनी चुनी हुई चैट को PIN या बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित कर सकते हैं।
चार अंकों के PIN से लॉक होगी चैट
Locked Chats फीचर की मदद से यूजर्स अपनी पसंद की बातचीत को चार अंकों वाले PIN से लॉक कर सकेंगे। जिन डिवाइस में बायोमेट्रिक सुरक्षा उपलब्ध है, वहां Face ID, Touch ID या दूसरे समर्थित ऑथेंटिकेशन तरीकों का इस्तेमाल भी किया जा सकेगा।
किसी चैट को लॉक करने के बाद वह सामान्य चैट हिस्ट्री, पिन की गई बातचीत और सर्च रिजल्ट में नजर नहीं आएगी। इसके बजाय उसे अलग Locked Chats सेक्शन में रखा जाएगा। यूजर्स चाहें तो अपनी पहले से मौजूद बातचीत को लॉक कर सकते हैं या इसी सेक्शन से नई चैट शुरू कर सकते हैं। खास बात यह है कि चैट लॉक करने से वह डिलीट नहीं होती। सही ऑथेंटिकेशन के बाद उसे दोबारा एक्सेस किया जा सकता है।
किन प्लेटफॉर्म और प्लान पर मिलेगा फीचर?
ChatGPT के कई प्लान के यूजर्स तक पहुंचा रहा है। इसमें Free, Go, Plus, Pro, Business, Enterprise और Edu प्लान शामिल हैं। यह फीचर वेब, Mac और Windows डेस्कटॉप ऐप के अलावा Android और iOS डिवाइस पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
हालांकि, हर तरह की बातचीत को लॉक करने की सुविधा नहीं मिलेगी. Temporary Chats, आर्काइव की गई चैट, ग्रुप बातचीत, शेयर किए गए लिंक से जुड़ी चैट, शेड्यूल्ड टास्क वाली बातचीत और मीटिंग रिकॉर्डिंग वाली चैट को Locked Chats में नहीं रखा जा सकेगा। इसके अलावा, ChatGPT for Healthcare प्लान के यूजर्स के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
Temporary Chats और Locked Chats में क्या है अंतर?
ChatGPT में Temporary Chats का विकल्प पहले से मौजूद है, हालांकि, यह Locked Chats से अलग उद्देश्य के लिए काम करता है। Temporary Chats सामान्य चैट हिस्ट्री में सेव होकर दिखाई नहीं देतीं। वहीं, Locked Chats में बातचीत सुरक्षित रूप से अलग सेक्शन में रखी जाती है, ताकि जरूरत पड़ने पर यूजर उसे अनलॉक करके दोबारा देख सके यानी Locked Chats का मकसद मौजूदा बातचीत को हटाना नहीं, बल्कि उस तक पहुंच को सीमित करना है।
चैट लॉक करने से डेटा को पूरी सुरक्षा नहीं मिलती
Locked Chats निजी बातचीत को दूसरों की नजरों से बचाने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह सुरक्षित डिजिटल वॉल्ट नहीं समझना चाहिए। OpenAI के मुताबिक, इस फीचर को इस्तेमाल करने से चैट पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन लागू नहीं होता और न ही डेटा के लिए कोई अलग एन्क्रिप्टेड वॉल्ट तैयार होता है।
इसके अलावा, चैट लॉक करने से डेटा को स्टोर करने की अवधि या मॉडल को बेहतर बनाने से संबंधित सेटिंग्स में कोई बदलाव नहीं होता. इसलिए यह फीचर मुख्य रूप से चैट तक पहुंच को नियंत्रित करने के लिए है, न कि डेटा स्टोरेज या प्राइवेसी से जुड़ी सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं को बदलने के लिए है।
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PIN भूलने पर हो सकता है बड़ा नुकसान
Locked Chats इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को अपना PIN संभालकर रखना चाहिए। अगर कोई यूजर PIN भूल जाता है और उसे रीसेट करता है, तो पुराने PIN से सुरक्षित लॉक्ड चैट, उनसे जुड़ी फाइलें और निजी मेमोरी स्थायी रूप से डिलीट हो सकती हैं। OpenAI के अनुसार, ऐसे में संबंधित कंटेंट को बाद में रिकवर करना संभव नहीं होगा।
इसलिए निजी बातचीत को लॉक करने से पहले PIN याद रखने या उसे सुरक्षित तरीके से मैनेज करने का ध्यान रखना जरूरी है। यह फीचर फोन या लैपटॉप किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए देते समय अतिरिक्त प्राइवेसी प्रदान कर सकता है, लेकिन इसे डेटा सुरक्षा की संपूर्ण गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।