Hathras News: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और ग्रामीण इलाकों की प्रमुख सड़कों तक पहुंच आसान करने के लिए 8.2 किलोमीटर लंबे बाईपास का प्रस्ताव तैयार किया गया है। नगला भुस-मीतई तिराहे से पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-530बी तक बनने वाले इस बाईपास पर करीब 145.13 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना पूरी होने पर कई गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

डीएम ने दिए प्रस्ताव की आपत्तियां जल्द दूर करने के निर्देश
जिलाधिकारी सत्यप्रकाश पटेल ने शुक्रवार को बाईपास परियोजना की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रस्ताव से जुड़ी आपत्तियों का जल्द निस्तारण कर संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिकारियों के साथ बैठक में डीएम ने कहा कि निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं समय से पूरी की जाएं।

सात मीटर चौड़ा होगा बाईपास, इन गांवों को मिलेगा फायदा
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार वर्मा के अनुसार, प्रस्तावित बाईपास की चौड़ाई सात मीटर होगी। तकनीकी मानकों और यातायात संबंधी आंकड़ों के आधार पर इसकी डिजाइन तैयार की गई है।

इस मार्ग से पापरी, कटैलिया, पैकवाड़ा, कुम्हरई, गढ़ी जैनी, तिपरस, गढ़ी गिरधरा, बोझिया, सोखना, रूहेरी, मीतई, कलवारी, तरफरा, ढकपुरा और दादनपुर समेत कई गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

NH-530B और NH-509 तक पहुंच होगी आसान
प्रस्तावित बाईपास से राष्ट्रीय राजमार्ग-530बी, राष्ट्रीय राजमार्ग-509 और अन्य प्रमुख मार्गों तक संपर्क बेहतर होने की संभावना है। इसके साथ ही हाथरस-जलेसर मार्ग और आसपास के ग्रामीण रास्तों से आवागमन भी सुगम हो सकता है।

शासन की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगा निर्माण
करीब 145.13 करोड़ रुपये की इस परियोजना से हाथरस में यातायात व्यवस्था को राहत मिलने और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल बाईपास प्रस्तावित चरण में है। निर्माण कार्य शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आगे बढ़ सकेगा। 

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