इस्लाम पार्टी के प्रमुख आसिफ शेख ने महाराष्ट्र में सकल हिंदू समाज के नेतृत्व में अलग-अलग शहरों में निकाले जा रहे हिंदू जन आक्रोश मोर्चों को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है, उन्होंने सवाल उठाया कि जब महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार है और पार्टी हिंदू राष्ट्र की बात करती है, तो फिर हिंदुओं के खतरे में होने का दावा क्यों किया जा रहा है। आसिफ शेख ने कहा कि हिंदू खतरे में नहीं हैं, बल्कि बीजेपी खतरे में है।

हिंदू जन आक्रोश मोर्चों पर उठाए सवाल

आसिफ शेख ने कहा कि महाराष्ट्र के अहमदनगर, नासिक, मालेगांव, मुंबई समेत कई शहरों में सकल हिंदू समाज के बैनर तले जन आक्रोश मोर्चे निकाले जा रहे हैं। इन प्रदर्शनों के जरिए हिंदुओं के खतरे में होने की बात कही जाती है, उन्होंने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद अगर हिंदुओं को खतरा बताया जा रहा है, तो इसके पीछे की वजह समझ से परे है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अपनी राजनीतिक जरूरतों के लिए हिंदुओं का सहारा ले रही है, उनके मुताबिक, हिंदुओं के खतरे में होने का दावा करने के बजाय बीजेपी को अपनी राजनीतिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

‘मुसलमानों को डराने की कोशिश बंद करें’

आसिफ शेख ने कहा कि हिंदुस्तान में एक आदमी मुझे बता दो कि किसी मुसलमान ने कभी कहा हो कि मुसलमान खतरे में हैं। एक आदमी बता देना, एक वीडियो दिखा देना या किसी अखबार की एक हेडलाइन बता देना कि किसी मुसलमान ने कभी ऐसा कहा हो कि मुसलमान खतरे में हैं, क्यों नहीं कहा? इसकी वजह क्या है? अल्लाह का करम है कि मुसलमानों का ईमान बहुत मजबूत है। वह सिर्फ अल्लाह से डरता है। इन ऐरे-गैरे नत्थू खैरों से हम कभी डरने वाले नहीं हैं। मुसलमान इन पाखंडियों से डरने वाला नहीं है। तुम डराना बंद कर दो।

आसिफ शेख ने यह भी कहा कि फिलहाल उनकी पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन नहीं कर रही है, लेकिन इसे कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी भारतीय संविधान और कानून में विश्वास रखती है, उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान का हवाला देते हुए कहा कि उनकी पार्टी संविधान की रक्षा और देश की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

संविधान और लोकतंत्र की रक्षा को बताया प्राथमिकता

आसिफ शेख ने कहा कि देश में संविधान, कानून और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करना उनकी पार्टी की प्राथमिकता है, उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर इस्लाम पार्टी भी विपक्षी दलों की तरह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी, उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में उनकी पार्टी सबसे पहले संविधान और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष करेगी। अन्य मुद्दों पर आंदोलन करने का फैसला बाद में लिया जाएगा।

NRC और मतदाता सूची के मुद्दे पर क्या बोले?

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और मतदाता सूची को लेकर भी आसिफ शेख ने अपनी बात रखी, उन्होंने दावा किया कि NRC के नाम पर 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्होंने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि पहले इसके खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है।

उन्होंने गणेश कुमार को हटाने की मांग का भी उल्लेख किया और कहा कि फिलहाल उनकी पार्टी का मुख्य एजेंडा संविधान, देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष करना है। आसिफ शेख के मुताबिक, इस्लाम पार्टी आने वाले समय में इन्हीं मुद्दों को लेकर विपक्ष की तरह सड़क पर उतरकर अपनी लड़ाई लड़ेगी।

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