लाइफस्टाइल
प्रेग्नेंसी में ब्लीडिंग का मतलब हमेशा मिसकैरेज नहीं, ये भी हो सकते हैं कारण समझिए आसान भाषा में
गर्भावस्था के दौरान ब्लीडिंग होने पर महिलाएं अक्सर डर जाती हैं और इसे मिसकैरेज से जोड़ देती हैं, लेकिन कई बार इसके पीछे दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। इसलिए सही जानकारी और समय पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
मां बनने का सफर हर महिला के लिए बेहद खास और भावनाओं से भरा होता है। इस दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। लेकिन अगर अचानक ब्लीडिंग हो जाए तो यह पल खुशी से ज्यादा चिंता का कारण बन जाता है। कई बार परिवार में भी घबराहट फैल जाती है और लोग इसे सीधे गर्भपात से जोड़ने लगते हैं। हालांकि हर बार ब्लीडिंग का मतलब मिसकैरेज नहीं होता।
प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीनों में क्यों होती है ब्लीडिंग
गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में हल्की ब्लीडिंग कई महिलाओं में देखी जाती है। ऐसा तब हो सकता है जब निषेचित अंडा गर्भाशय की दीवार से जुड़ता है। इसके अलावा हार्मोन में बदलाव, सर्विक्स का संवेदनशील होना या किसी तरह का संक्रमण भी इसकी वजह बन सकता है। हालांकि कुछ मामलों में एक्टोपिक प्रेग्नेंसी जैसी स्थिति भी सामने आ सकती है, इसलिए ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी माना जाता है।
क्यों होती है प्रेग्नेंसी के दूसरे चरण में ब्लीडिंग
प्रेग्नेंसी के दूसरे चरण में ब्लीडिंग कम देखने को मिलती है, लेकिन अगर ऐसा हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार प्लेसेंटा का नीचे की तरफ आ जाना या सर्विक्स का समय से पहले खुलना इसके पीछे कारण हो सकता है। ऐसे समय में डॉक्टर की सलाह और नियमित जांच मां और बच्चे दोनों के लिए बेहद जरूरी हो जाती है।
प्रेग्नेंसी के आखिरी महीनों में ब्लीडिंग के पीछे ये वजह
गर्भावस्था के आखिरी महीनों में कभी-कभी हल्की ब्लीडिंग इस बात का संकेत भी हो सकती है कि डिलीवरी का समय करीब है। हालांकि अगर खून ज्यादा आए, पेट में तेज दर्द हो या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है।
प्रेग्नेंसी में ब्लीडिंग दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें
डॉक्टरों का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी तरह की ब्लीडिंग को हल्के में नहीं लेना चाहिए। सही समय पर जांच और इलाज से मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। जागरूकता और सावधानी ही इस खूबसूरत सफर को सुरक्षित बना सकती है।
Written by : Anushka sagar
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