नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी देश के इशारों पर चलने के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों और स्वतंत्र विदेश नीति को प्राथमिकता देनी चाहिए।

भारत किसी भी देश का "दब्बू" नहीं बन सकता: खुर्शीद

कांग्रेस नेता खुर्शीद का कहना है कि भारत को अपने मित्र देशों के साथ संबंध बनाए रखते हुए गलत नीतियों या फैसलों पर अपनी बात रखने का साहस भी दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी देश का "दब्बू" नहीं बन सकता, चाहे उसकी ताकत कुछ भी हो या भारत की ज़रूरतें कुछ भी हों। इसके साथ ही विदेश नीति में पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत की स्वतंत्र भूमिका पर जोर दिया। कांग्रेस नेता खुर्शीद ने राहुल गांधी के राजनयिकता की अहमियत और दूसरे देशों के साथ भारत के जुड़ाव, देश की इज्जत एवं आत्म-सम्मान की रक्षा करने की ज़रूरत पर अहम सवाल उठाए हैं।

विदेश नीति को डिबेट कॉम्पिटिशन की तरह नहीं देखा जाना चाहिए

इसके साथ ही खुर्शीद ने सरकार की विदेश नीति के नतीजों पर भी सवाल उठाए। जिसमें ट्रेड डील की कमी, H-1B वीज़ा पर चिंता और हथकड़ी लगाकर भारतीयों को देश से निकालने का ज़िक्र किया गया। खुर्शीद ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, हम विदेश नीति के मामले गंभीर हैं इसलिए उन्हें कॉलेज के डिबेट कॉम्पिटिशन की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी की बातों को उनके सही संदर्भ में समझा जाना चाहिए, न कि जवाबी सवालों के ज़रिए खारिज किया जाना चाहिए।

राजधानी उसके पूरे सिस्टम की निशानी होती है: खुर्शीद

खुर्शीद ने कहा कि अगर आप सच में किसी देश को सीरियसली लेते हैं, तो आपको यह मानना ​​होगा कि उसकी राजधानी उसके पूरे सिस्टम की निशानी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि विज़िटर्स की किसी देश में अलग-अलग दिलचस्पी और जगहें हो सकती हैं, लेकिन वे आखिर में बड़े कॉन्टेक्स्ट को समझने के लिए उसके राजनीतिक केंद्र से बातचीत करना चाहेंगे।

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