India-China War: चालाक चीन की ताकत का दम भरने वालों को एक बार भारत की ताकत को भी देखना चाहिए। एक तरफ चीन ताकतवर देश होने का दावा करता है, लेकिन शायद उसे पता नहीं है कि भारत को हल्के में लेना उसकी बड़ी भूल साबित हो सकती है। हिंद महासागर से लेकर हिमालय की ऊंची चोटियों तक, ब्रह्मोस मिसाइल से लेकर राफेल जैसे लड़ाकू विमानों तक, भारत की कई ऐसी ताकतें हैं,
जो किसी भी संभावित युद्ध में चीन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर सकती हैं। आपने अभी तक यही सुना होगा की भारत से चीन कई मायनों में काफी मजबूत है, लेकिन हम आज आपको इस लेख के माध्यम से बताएंगे भारत की वह ताकतें जिसे पढ़ आपका भी सीना गर्व से फूल जाएगा।
इन मामलों में चीन से चार कदम आगे पाकिस्तान
हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक ताकत - सबसे पहले बात उस मोर्चे की, जहां भारत की भौगोलिक स्थिति बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। जी हां, हिंद महासागर!
भारत की समुद्री स्थिति उसे इस क्षेत्र में खास रणनीतिक महत्व देती है। बीते कुछ सालों में भारत ने अपनी ताकत में इजाफा किया है। सबसे खास बात है कि अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह से लेकर भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोतों, युद्धपोतों और पनडुब्बियों तक, भारत के पास समुद्री निगरानी और सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण संसाधन हैं। यानि भारत हिंद महासागर में चीन को कड़ी टक्कर दे सकता है।
हिमालय में भारतीय सेना की खास अनुभव - अब बात करते हैं उस मोर्चे की, जहां मौसम ही सैनिकों की सबसे बड़ी परीक्षा लेता है। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC के कई हिस्से बेहद ऊंचाई पर स्थित हैं। यहां कम ऑक्सीजन, जमा देने वाली ठंड और दुर्गम पहाड़ों के बीच सैन्य अभियान चलाना आसान नहीं है। भारतीय सेना को हिमालयी क्षेत्रों में लंबे समय से तैनाती और पर्वतीय परिस्थितियों में काम करने का अनुभव है। याद हो तो साल 2020 में गलवान झड़प के दौरान चीनी सैनिकों को पीछे हटना पड़ा था।
ब्रह्मोस मिसाइल से भारत की मारक क्षमता - अब बात करते हुए उस हथियार जो स्वदेशी के साथ बेहद घातक है। भारत और रूस के सहयोग से विकसित इस मिसाइल के विभिन्न संस्करण जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च किए जाने के लिए तैयार किए गए हैं। आधुनिक मिसाइल प्रणालियां किसी भी देश की सैन्य रणनीति में अहम भूमिका निभाती हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस मिसाइल ने पड़ोसी मुल्क पाक को घुटने पर ला दिया था।
रक्षा उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां - भारत की एक और महत्वपूर्ण ताकत है उसका बढ़ता स्वदेशी रक्षा उद्योग। ब्रह्मोस, आकाश वायु रक्षा प्रणाली और दूसरे स्वदेशी सैन्य कार्यक्रम भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में अहम हैं।
इसके अलावा भारत रूस, फ्रांस, अमेरिका और दूसरे देशों के साथ रक्षा सहयोग करता है। इस सहयोग से आधुनिक तकनीक और सैन्य उपकरण हासिल करने के अवसर मिलते हैं।
भारत-चीन के बीच बढ़ी टेंशन
बीते दिन आईटीबीपी के महानिदेशक ने अपने बयान में कहा था कि गत जुलाई से अरूणाचल प्रदेश के कई जगहों पर दोनों सेना आमने सामने है, और झड़प की स्थिति देखने को मिली थी। सवाल यह भी है कि क्या दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थति बन सकती है। हालांकि इसके नकारा नहीं जा सकता है क्योंकि चीन अरूणाचल प्रदेश के कई हिस्सों को अपना बताता रहा है।
हालांकि चीन भी अच्छे से जानता है कि अगर वह भारत से बैर लेता है तो उसे भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले में भारत सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार की जानकारी सामने नहीं आई है।