Color Coded Driving Licence: अगर आप भी गाड़ी चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। क्योंकि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय जल्द ही ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में बदलाव करने वाला है। अब यहां आपके भी मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर सरकार यह नियम ड्राइविंग के दौरान चालान की वसूली में करने वाली है। या फिर कोई और ही प्लॉन है।
तो जा रूकिए आपको बता दें कि यह नियम सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा चालान वसूली में बदलाव के लिए नहीं बल्कि आपके ड्राइविंग लाइसेंस में होने जा रहा है। जी हां सही सुना आपने तो चलिए आपको बताते हैं की सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा नया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर क्या बड़े बदलाव किए गए, और इस फैसले के पीछे सरकार की क्या मंशा है?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग के ड्राइविंग लाइसेंस (कलर-कोडेड DL) जारी किए जाएंगे। सरकार यह बदलाव सड़क हादसों को देखते हो करने जा रही है।
मुख्य बदलाव
अलग रंग और नागरिकता: अब ड्राइविंग लाइसेंस पर स्पष्ट रूप से धारक की राष्ट्रीयता (भारतीय या विदेशी) लिखी जाएगी और दोनों के कार्ड का बैकग्राउंड कलर अलग होगा। इसके साथ ही लाइसेंस पर धारक की राष्ट्रीयता यानी वह भारतीय नागरिक है या विदेशी, इसकी जानकारी भी स्पष्ट रूप से दर्ज करने का प्रस्ताव है। इससे लाइसेंस की पहचान करना आसान हो सकता है।
अनिवार्य जानकारी: नए प्रस्ताव में ड्राइविंग लाइसेंस पर कुछ अतिरिक्त जानकारियां दर्ज करने की बात कही गई है। जिसमें लाइसेंस पर ब्लड ग्रुप (रक्त समूह), मोबाइल नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में संबंधित व्यक्ति तक पहुंचने और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने में मदद करना है।
हलफनामा (Affidavit) बंद: उम्र और पते के सबूत के तौर पर अब कचहरी या नोटरी वाले शपथ-पत्र (Affidavit) स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसका सीधा सा मतलब है कि आवेदकों को निर्धारित नियमों के अनुसार मान्य दस्तावेज देने होंगे। इससे दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
ऑनलाइन सेफ-ड्राइविंग टेस्ट: ऑनलाइन ड्राइविंग ट्यूटोरियल असेसमेंट में पास होने के लिए न्यूनतम अंक 60% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव है, और यह ट्यूटोरियल कम से कम 30 मिनट का होगा। ऑनलाइन ड्राइविंग ट्यूटोरियल की अवधि कम से कम 30 मिनट रखने का प्रस्ताव है। इससे आवेदकों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की बेहतर जानकारी देने में मदद मिल सकती है।
आधार प्रमाणीकरण पर मिल सकती है फीस में छूट: यदि आवेदक ऑनलाइन आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) का उपयोग करते हैं, तो कुछ DL सेवाओं की फीस माफ की जा सकती है। हालांकि, यह छूट किन सेवाओं पर और किन शर्तों के तहत लागू होगी, इसकी पुष्टि अंतिम नियमों और संबंधित अधिसूचना से करनी होगी।
सरकार क्यों करना चाहती है ये बदलाव?
ड्राइविंग लाइसेंस के प्रारूप में एकरूपता, आवेदकों की पहचान, दस्तावेजों के सत्यापन और सड़क सुरक्षा से जुड़े मानकों को मजबूत करना इन प्रस्तावित बदलावों के संभावित उद्देश्य हैं। यदि ये प्रस्ताव लागू होते हैं, तो ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले नए आवेदकों के साथ-साथ संबंधित सेवाओं का लाभ लेने वालों की प्रक्रिया में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
यह भी पढ़ें: हेब्रोन में हमले के बाद इजरायली सेना का एक्शन! 2 हमलावर मारे गए, 5 लोग घायल