दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को शहरी परिवहन के क्षेत्र में नवाचार और स्मार्ट मोबिलिटी समाधानों को बढ़ावा देने के लिए ‘अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भुवनेश्वर में आयोजित 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो में ‘एक्सीलेंस इन इनोवेशन एंड स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशंस’ श्रेणी के तहत दिया गया।
डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से यह पुरस्कार प्राप्त किया। इस अवसर पर ओडिशा के आवासन एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय में शहरी विकास विभाग के सचिव सतेन्द्र सिंह और ओडिशा की शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाधी भी मौजूद रहे।
शहरी परिवहन में नवाचार और स्मार्ट तकनीक पर मंथन
दो दिवसीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी में देश-विदेश के शहरी परिवहन विशेषज्ञों और पेशेवरों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में शहरी परिवहन व्यवस्था के सतत विकास, आधुनिक तकनीक और भविष्य की जरूरतों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। डीएमआरसी पिछले कुछ वर्षों से मेट्रो सेवाओं को अधिक सुविधाजनक और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई पहल कर रहा है। इनमें डिजिटल टिकटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से मशीनों और उपकरणों की संभावित खराबियों की पहले से जानकारी लगाने वाली प्रणाली तथा यात्रियों की शिकायतों और सवालों पर त्वरित प्रतिक्रिया जैसे प्रयास शामिल हैं।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए मेट्रो चलाएगी 20 अतिरिक्त फेरे
दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण के लागू होने के बीच डीएमआरसी ने सप्ताह के कार्यदिवसों में मेट्रो सेवाएं बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत 22 अक्टूबर से सोमवार से शुक्रवार तक मेट्रो नेटवर्क पर प्रतिदिन 20 अतिरिक्त ट्रेन फेरे संचालित किए जाएंगे। डीएमआरसी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव और उनसे होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सके।
इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो अपने निर्माण स्थलों और आसपास के इलाकों में धूल नियंत्रण तथा सफाई से संबंधित गतिविधियां भी तेज करेगी। इन प्रयासों के तहत निर्माण स्थलों पर धूल के स्तर को कम करने, आसपास की सड़कों से धूल हटाने और फुटपाथों एवं सड़क के डिवाइडरों के पास जमा कचरे की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के लिए निरीक्षण तेज
निर्माण स्थलों पर तैनात इंजीनियरों को यह सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण करने के निर्देश दिए जाएंगे कि निर्माण सामग्री को उचित तरीके से ढककर रखा जाए। इसके अलावा, निर्माण स्थलों से बाहर निकलने वाले वाहनों के लिए बनाए गए व्हील-वॉश सिस्टम की कार्यशीलता की भी जांच की जाएगी, ताकि वाहनों के पहियों के साथ मिट्टी और धूल सड़कों तक न पहुंचे। डीएमआरसी की इन पहलों का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ-साथ निर्माण गतिविधियों से उत्पन्न धूल को नियंत्रित करना और राजधानी में प्रदूषण कम करने के प्रयासों में योगदान देना है।