दिल्ली पुलिस ने त्रिपुरा के एक छात्र के साथ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आमिर शोकीन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को गुरुवार शाम करोल बाग से पकड़ा गया। मामले में दिल्ली पुलिस के साथ त्रिपुरा पुलिस भी जांच कर रही है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, आमिर शोकीन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 192, 196, 352 और 353 के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं दंगा भड़काने के इरादे से उकसाने, विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने, शांति भंग करने के इरादे से अपमान करने और सार्वजनिक उपद्रव से जुड़े बयानों से संबंधित हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी की लोकेशन सुबह शाहदरा में मिली थी, लेकिन वह लगातार अपनी जगह बदल रहा था। बाद में तकनीकी निगरानी की मदद से सदर बाजार पुलिस ने उसे करोल बाग में एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी वहां छिपा हुआ था। पुलिस ने यह भी बताया कि शोकीन के खिलाफ पहले भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 323, 324, 504 और 506 के तहत भी मामले दर्ज किए गए थे।

त्रिपुरा पुलिस ने भी दर्ज की FIR

मामले की जानकारी मिलने के बाद त्रिपुरा पुलिस ने भी FIR दर्ज की और जांच में दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय करने के लिए एक विशेष टीम दिल्ली भेजी।त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) जीएस राव ने समाचार एजेंसी ANI से कहा कि यह वीडियो बुधवार शाम पुलिस के संज्ञान में आया था। शिकायत मिलने के बाद FIR दर्ज की गई और त्रिपुरा पुलिस की एक टीम दिल्ली के लिए रवाना की गई। राव ने बताया कि उन्होंने जांच में तेजी लाने के लिए दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से खुद संपर्क किया था।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद

शिकायत के मुताबिक, इंस्टाग्राम पर प्रसारित एक वीडियो में त्रिपुरा के एक व्यक्ति के साथ कथित तौर पर यौन दुर्व्यवहार, उत्पीड़न और अपमानजनक व्यवहार किए जाने का आरोप है। त्रिपुरा के एक छात्र संगठन ने वीडियो से जुड़े इंस्टाग्राम अकाउंट की पहचान `@amirshokeen` के रूप में की और इसे कथित तौर पर आमिर शोकीन से जुड़ा बताया। पुलिस इस मामले में वीडियो और शिकायत से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

कांग्रेस नेता रिपुन बोरा ने सरकार पर उठाए सवाल

इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता रिपुन बोरा ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों में पढ़ने वाले पूर्वोत्तर के छात्रों को कई बार नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा है। बोरा ने कहा कि यह समस्या पुरानी है और संसद में भी कई बार इस पर चर्चा हो चुकी है। उन्होंने सरकार पर ऐसे मामलों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। फिलहाल, दिल्ली और त्रिपुरा पुलिस मामले की जांच कर रही हैं। जांच में वीडियो की प्रामाणिकता, घटना की परिस्थितियों और संबंधित लोगों की भूमिका का पता लगाया जाएगा। 

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