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Kerala New CM: वीडी सतीशन को केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन का नया मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। कांग्रेस ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके नाम का औपचारिक ऐलान किया। विधानसभा चुनाव परिणाम आने के लगभग दस दिन बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर चली लंबी चर्चा और आखिरकार पार्टी ने सतीशन पर भरोसा जताया। माना जा रहा है कि यूडीएफ की ऐतिहासिक जीत और विपक्ष के नेता के रूप में उनकी मजबूत छवि ने इस फैसले में अहम भूमिका निभाई
सतीशन का राजनीतिक करियर
62 वर्षीय सतीशन पिछले 4 वर्षों में केरल की राजनीति में कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक बनकर उभरे हैं। वे लगातार छह बार परवूर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत NSUI से की थी और बाद में छात्र राजनीति से मुख्यधारा की राजनीति में आए। पेशे से वकील सतीशन केरल हाई कोर्ट में प्रैक्टिस भी कर चुके हैं। वर्ष 2001 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और 2001, 2006, 2011, 2016, 2021 तथा 2026 में लगातार जीत दर्ज की। हालिया चुनाव में उन्होंने CPI के उम्मीदवार ई.टी. टैसन मास्टर को 20,600 वोटों के बड़े अंतर से हराया।
सतीशन को CM बनाने में अल्पसंख्यक समुदाय का बड़ा हाथ
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार udf की शानदार जीत का बड़ा श्रेय सतीशन की आक्रामक और प्रभावी नेतृत्व शैली को जाता है। विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ लगातार मुखर भूमिका निभाई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा पैदा की। सामाजिक और सामुदायिक समीकरणों को साधने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी गई। खासतौर पर कांग्रेस की सहयोगी पार्टी IUMLने खुलकर उनके समर्थन में आवाज उठाई। सूत्रों के मुताबिक IUML का मानना था कि सतीशन को मुख्यमंत्री बनाने से अल्पसंख्यक समुदाय और यूडीएफ समर्थकों के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा।
सतीशन की लोकप्रियता के वजह से मिला फायदा
हालांकि मुख्यमंत्री पद की दौड़ आसान नहीं थी। कांग्रेस महासचिव K. C. Venugopal भी मजबूत दावेदार माने जा रहे थे। राहुल गांधी से उनकी नजदीकियों के चलते उन्हें शुरुआती दौर में बढ़त हासिल थी। लेकिन विधायकों और जमीनी कार्यकर्ताओं की राय, साथ ही सतीशन की लोकप्रियता, अंत उनके पक्ष में गई। बताया जाता है कि सतीशन ने साफ संकेत दे दिए थे कि यदि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया तो वे किसी अन्य नेता की सरकार में शामिल नहीं होंगे। उनके समर्थकों ने राज्यभर में प्रदर्शन भी किए। अंततः कांग्रेस नेतृत्व ने सभी समीकरणों को देखते हुए सतीशन के नाम पर मुहर लगा दी।
Written By: Geeta Sharma

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