
अमेरिका में नए आयात शुल्क को लेकर बड़ा विवाद शुरू हो गया है। राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन द्वारा लागू किए गए वैश्विक टैरिफ के खिलाफ 20 से ज्यादा अमेरिकी राज्यों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। राज्यों का कहना है कि यह फैसला बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के लिया गया है और इससे कारोबार के साथ-साथ आम लोगों पर भी असर पड़ सकता है।
राज्यों ने फैसले पर जताई आपत्ति
इन राज्यों का मानना है कि नए टैरिफ लागू करने से पहले सभी जरूरी प्रक्रियाओं का ठीक से पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि इतने बड़े आर्थिक फैसले में राज्यों और संबंधित एजेंसियों से सलाह लेना जरूरी होता है। इसी वजह से कई राज्यों ने मिलकर इस फैसले को अदालत में चुनौती देने का फैसला किया।
प्रशासन पर अधिकारों के दायरे से बाहर जाने का आरोप
मुकदमा दायर करने वाले राज्यों का कहना है कि प्रशासन ने अपने अधिकारों से आगे बढ़कर यह फैसला लिया है। उनका तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े ऐसे बड़े फैसलों में कांग्रेस की भूमिका भी अहम होती है, लेकिन इस मामले में उसे नजरअंदाज किया गया। इसी आधार पर राज्यों ने अदालत से इस नीति की समीक्षा करने की मांग की है।
व्यापार और कीमतों पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये टैरिफ लागू रहते हैं तो कई देशों से आने वाले सामान की कीमत बढ़ सकती है। इससे कारोबार करने वाली कंपनियों और उपभोक्ताओं दोनों पर असर पड़ने की संभावना है। यही कारण है कि कई राज्यों को लगता है कि इस फैसले से स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
अब अदालत के फैसले का इंतजार
फिलहाल मामला अदालत में पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इस पर सुनवाई होने की उम्मीद है। अगर अदालत राज्यों की दलीलों को सही मानती है तो इन टैरिफ पर रोक भी लग सकती है। इसलिए अब सबकी नजर कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
Written by : Anushka sagar

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