फिर बढ़ा अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, रणनीतिक दबाव या युद्ध की हो रही शुरुआत?

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा; राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। ईरान के नेता अली खामेनेई और उनके परिवार को निशाना बनाने की खबरें भी सामने आईं।

19 घंटे पहले

और पढ़े

  1. अफगानिस्तान में पाकिस्तान का एयरस्ट्राइक, 19 नागरिकों की मौत!
  2. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर किया हवाई हमला... 17 नागरिकों की हुई मौत, मदरसे को भी बनाया निशाना!
  3. Tariff News: अमेरिका के सामने झुका कनाडा, बदल डाले पांच बड़े फैसले
  4. टैरिफ को लेकर बढ़ा विवाद! ट्रंप ने US सुप्रीम कोर्ट के आदेश को किया अनसुना
  5. नाइजीरिया में नरसंहार! सशस्त्र लोगों ने 50 को उतारा मौत के घाट...महिलाओं और बच्चों का किया अपहरण
  6. US-Iran Conflict- अमेरिका से मिल रही धमकियों के बीच ईरान ने रूस के साथ किया संयुक्त नौसैनिक अभ्यास
  7. अमेरिका-ईरान में बढ़ी हलचल, दुनिया की नजरें टिकीं, हफ्तों चल सकता है आपसी टकराव!
  8. US-Iran Conflict : US के लड़ाकू विमान पर खामेनेई का पलटवार, कहा- समंदर में ही डुबो देंगे अमेरिकी जंगी बेड़ा
  9. बांग्लादेश में नई सरकार : तारिक रहमान बने नए प्रधानमंत्री, भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर टिकी दुनिया की निगाहें
  10. India-UK FTA: भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता अप्रैल से लागू होने की संभावना, ब्रिटिश संसद में बहस...
  11. ढाका में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह, BNP की बड़ी जीत के बाद सरकार गठन, भारत की ओर से ओम बिरला रहेंगे मौजूद
  12. अमेरिका का बड़ा बदला! सीरिया में ISIS के ठिकानों पर किया अटैक....कहा- हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाया तो जवाब...
  13. चीन का बड़ा फैसला... अफ्रीकी के 53 देशों के लिए टैरिफ जीरो, जानें इसके पीछे की वजह
  14. Bangladesh: 17 फरवरी को PM पद की शपथ लेंगे तारिक रहमान, भारत समेत इन 13 दोशों को भेजा न्योता
  15. कौन है निखिल गुप्ता? जिसे खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश मामले में मिली 24 साल की सजा

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। खबरों के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सख्त कदमों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें “सीमित सैन्य कार्रवाई” भी शामिल है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान के नेता अली खामेनेई और उनके परिवार को निशाना बनाने पर भी चर्चा हुई। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन ये खबरें अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा रही हैं।

“सीमित सैन्य कार्रवाई” पर बहस
अमेरिका में बहस चल रही है कि ईरान की गतिविधियों और उसके परमाणु कार्यक्रम पर किस तरह से कड़ा कदम उठाया जाए। “सीमित सैन्य हमला” का मतलब है कि बड़े युद्ध की बजाय सिर्फ कुछ खास सैन्य ठिकानों या अहम जगहों को निशाना बनाया जाए। समर्थक कहते हैं कि इससे ईरान को कड़ा संदेश जाएगा, लेकिन आलोचकों का मानना है कि इससे पूरे पश्चिम एशिया में हालात बिगड़ सकते हैं और ईरान की तरफ से जवाबी कार्रवाई का खतरा भी बढ़ सकता है।

तेहरान की सख्त चेतावनी
ईरान की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया के संकेत मिल रहे हैं। तेहरान पहले ही साफ कर चुका है कि किसी भी हमले का जवाब “कठोर और निर्णायक” होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो खाड़ी क्षेत्र में तेल आपूर्ति, वैश्विक बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ सकता है। इसके अलावा, इजराइल और खाड़ी देशों की भूमिका भी अहम हो सकती है, क्योंकि वे लंबे समय से ईरान की नीतियों को लेकर चिंतित रहे हैं।

क्या रणनीतिक दबाव है या टकराव?
ऐसे नाजुक मामले में अक्सर लोग बड़ी बातें करके या खबरें लीक करके रणनीति बनाते हैं। कई बार कड़ा रुख दिखाने का मकसद यही होता है कि बातचीत में अपनी पकड़ मजबूत हो। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें वॉशिंगटन और तेहरान पर लगी हैं। आने वाले दिनों में ही साफ होगा कि यह सिर्फ चेतावनी है या फिर सच में किसी नए टकराव की शुरुआत हो रही है।

Written by : Anushka sagar

TNP News,

115 B Hind Saurashtra Indl Estate, Marol Metro Station Andheri East, Mumbai - 400059
Call: +91 9818841730, +91 9818821470
Email: info@tnpnews.in